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Geography
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निम्नलिखित में से कौन सी 'मृदा' (Soil) स्वतः जुताई वाली (self-ploughing) मृदा के रूप में जानी जाती है?

Detailed Explanation

काली मिट्टी में सूखने पर गहरी दरारें पड़ जाती हैं, इसलिए इसे स्वतः जुताई वाली मिट्टी कहते हैं।
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समतापमंडल (Stratosphere) में ओजोन गैस की अधिकता पाई जाती है जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है। 2. क्षोभमंडल (Troposphere) की मोटाई भूमध्य रेखा पर सबसे कम और ध्रुवों पर सबसे अधिक होती है, क्योंकि भूमध्य रेखा पर संवहन धाराओं के प्रभाव से गर्म हवा ऊपर उठकर फैल जाती है। 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी (Subtropical High-Pressure Belt) का निर्माण मुख्य रूप से गतिक कारको (Dynamic Factors), अर्थात् पृथ्वी के घूर्णन और विषुवतीय क्षेत्र से ऊपर उठी हवाओं के ध्रुवों की ओर प्रवाहित होने के बाद नीचे बैठने (Subsidence) के कारण होता है। 4. आयनमंडल (Ionosphere) में रेडियो तरंगें पृथ्वी से परावर्तित होकर पुनः वापस लौटती हैं, क्योंकि इस परत में गैसों के अणु सौर विकिरण के कारण आयनित (Ionized) अवस्था में पाए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के मध्य है, जबकि इसका देशांतर विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के बीच है, जिससे इसके अक्षांशीय और देशांतर दोनों विस्तारों में लगभग 30 डिग्री का अंतर है। 2. भारत का सबसे पूर्वी बिंदु अरुणाचल प्रदेश में 'किबिथु' है और सबसे पश्चिमी बिंदु गुजरात में 'गुहार मोती' (Guhar Moti) है, तथा इन दोनों अत्यधिक बिंदुओं के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (116 मिनट) का वास्तविक समयांतर पाया जाता है। 3. भारत के मध्य से गुजरने वाली मानक याम्योत्तर रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से होकर गुजरती है और यह देश के कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर निकलती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से होकर प्रवाहित होती है, जिसमें पश्चिम से पूर्व का सही क्रम: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं, झीलों और जलप्रपात प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नर्मदा घाटी विकास परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान की संयुक्त भागीदारी से निर्मित 'सरदार सरोवर बाँध' एक गुरुत्वीय बाँध है, जिसके पीछे बनी विशाल कृत्रिम झील का नाम 'इंदिरा सागर झील' (या 'नर्मदा सागर') है। 2. कर्नाटक राज्य में शिमोगा जिले के पास शरावती नदी पर निर्मित 'जोग जलप्रपात' (गेरसोपा) भारत का सबसे ऊँचा सीधा (Plunge) गिरने वाला जलप्रपात है, जिसका नाम बदलकर अब 'महात्मा गांधी जलप्रपात' कर दिया गया है। 3. राजस्थान राज्य में अरावली पहाड़ियों के मध्य स्थित 'सांभर झील' (Sambhar Salt Lake) भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील (Inland Salt Lake) है, जो एक टेक्टोनिक (विवर्तनिक) गर्त में विकसित हुई है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की प्राकृतिक झील जम्मू-कश्मीर में स्थित 'वुलर झील' है, जिसका निर्माण विवर्तनिक (Tectonic) गतिविधियों के परिणामस्वरूप झेलम नदी के मार्ग में हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी उत्पत्ति और विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का अधिकांश कोकिंग और नॉन-कोकिंग कोयला 'गोडवाना क्रम' की तलछटी चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, और इस कोयले में उच्च 'राख (Ash) की मात्रा' तथा निम्न सल्फर की विशेषता पाई जाती है। 2. देश में 'लिग्नाइट कोयला' (भूरा कोयला) के सबसे बड़े प्रमाणित भंडार तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में स्थित हैं, इसके अलावा राजस्थान के पलाना, गुजरात के कच्छ और जम्मू-कश्मीर के करेवा निक्षेपों में भी इसके निक्षेप पाए जाते हैं। 3. भारत में 'यूरेनियम' के प्रमुख निक्षेप केवल झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली तक ही सीमित हैं, तथा पूर्वोत्तर भारत के मेघालय या राजस्थान के अरावली क्षेत्र में यूरेनियम के कोई भी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण भंडार नहीं खोजे गए हैं। 4. कोयला और पेट्रोलियम के अतिरिक्त, भारत के अपतटीय क्षेत्रों में 'मुंबई हाई' देश का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है, जहाँ खनिज तेल मुख्य रूप से मियोसीन और ऑलिगोसीन युग के चूना पत्थर तथा बलुआ पत्थर की संरचनाओं से निकाला जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ सदानीरा (Perennial) प्रकृति की होती हैं क्योंकि इन्हें जल का पोषण पिघलते हुए हिमदों (Glaciers) और मानसूनी वर्षा दोनों से प्राप्त होता है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से अनित्य (Non-perennial / Seasonal) होती हैं और इनका अपवाह पूर्णतः वर्षा पर निर्भर करता है। 2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने बेसिन के आधार पर 'वृक्षाकार' (Dendritic) अपवाह प्रतिरूप बनाती हैं, किंतु विंध्याचल और सतपुड़ा के पहाड़ी क्षेत्रों में ये कई स्थानों पर 'रेडियल' (Radial) और 'आयताकार' (Rectangular) प्रतिरूप भी प्रदर्शित करती हैं। 3. कोसी और दामोदर जैसी नदियाँ अपने मार्ग परिवर्तन और तीव्र कटाव के लिए कुख्यात हैं, जिनमें कोसी नदी अपने मुहाने पर बंगाल की खाड़ी के स्थान पर अरब सागर में विसर्जित होती है, जिसके कारण इसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख नदियाँ - सतलुज, व्यास, रावी, चेनाब और झेलम - सभी 'पंचनद' के रूप में पाकिस्तान के मीठनकोट के पास सिंधु नदी में अपना जल गिराती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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