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संस्कृत गद्य का प्रारंभिक और उत्कृष्ट उदाहरण किस अभिलेख को माना जाता है?
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Detailed Explanation
संस्कृत गद्य का प्रारंभिक और उत्कृष्ट उदाहरण रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख (गिरनार शिलालेख) को माना जाता है।
इसकी मुख्य विशेषताएँ:
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ऐतिहासिक महत्व: यह अभिलेख दूसरी शताब्दी ईस्वी (लगभग 150 ईस्वी) का है।
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शैली: यह विशुद्ध संस्कृत गद्य में लिखा गया सबसे पुराना अभिलेख माना जाता है। इससे पहले के अधिकांश अभिलेख प्राकृत भाषा में थे।
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विषय: इसमें शक शासक रुद्रदामन की उपलब्धियों, सुदर्शन झील के जीर्णोद्धार और उनके द्वारा जीते गए क्षेत्रों का विस्तृत विवरण दर्ज है।
Related Questions
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भारतीय पर्यावरण कानून और 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) की विधिक संरचना, शक्तियों तथा न्यायिक समीक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत स्थापित एनजीटी (NGT) देश का एकमात्र ऐसा विशेष वैधानिक निकाय है जिसे पर्यावरण से जुड़े मामलों में सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) के सख्त नियमों का पालन करने से छूट प्राप्त है और यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) के आधार पर कार्य करता है।
2. NGT को पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन या प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय क्षति से जुड़े मामलों में आदेश, निर्देश या निर्णय देने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, किंतु यह अधिकरण संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारक्षेत्र की तरह स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने की विधिक शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता है, जब तक कि कोई औपचारिक याचिका या आवेदन न दायर किया जाए।
3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के किसी आदेश, निर्णय या पुरस्कार के विरुद्ध अपील सीधे उच्चतम न्यायालय में ही की जा सकती है, और अधिकरण के निर्णय के खिलाफ देश के किसी भी उच्च न्यायालय के समक्ष रिट अधिकारक्षेत्र (Article 226/227) के तहत चुनौती नहीं दी जा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 124' के अंतर्गत 'उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति, collegium प्रणाली' और 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम, 2014' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के मूल पाठ में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए 'कॉलेजियम प्रणाली' का कोई प्रत्यक्ष प्रावधान नहीं था, और इसे वर्ष 1993 के 'द्वितीय न्यायाधीश मामले (Second Judges Case)' में उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने न्यायिक निर्णय के माध्यम से स्थापित किया गया था।
2. संसद द्वारा संविधान (निन्यानवेवाँ संशोधन) अधिनियम, 2014 और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम पारित करके उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त कर एक सांविधिक निकाय के रूप में NJAC की स्थापना की गई थी।
3. 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015)' के ऐतिहासिक निर्णय में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने NJAC अधिनियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान के मूल ढाँचे (Basic Structure) का उल्लंघन करने वाला मानते हुए इसे असंवैधानिक घोषित कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 143' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के 'सलाहकार क्षेत्राधिकार' (Advisory Jurisdiction) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि किसी समय उसे यह प्रतीत होता है कि विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उत्पन्न हुआ है जो सार्वजनिक महत्व का है, तो वह उस पर सर्वोच्च न्यायालय की राय मांग सकता है, और सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्रपति को ऐसी राय देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
2. यदि राष्ट्रपति अनुच्छेद 143 के अधीन किसी पूर्व-संविधान (Pre-constitution) संधि, समझौते, प्रसंविदा या अन्य इसी प्रकार के किसी दस्तावेज से उत्पन्न विवाद को सर्वोच्च न्यायालय को परामर्श के लिए भेजता है, तो सर्वोच्च न्यायालय के लिए राष्ट्रपति को अपनी राय देना अनिवार्य (Mandatory) होता है।
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 143 के तहत दी गई सलाह या राय प्रकृति में सलाहकार होती है और यह भारत सरकार या राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं होती है, साथ ही यह निर्णय लेने वाले मामलों की तरह एक 'निर्णायक विधि' (Binding Precedent) भी नहीं बनती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा निर्धारित 'मूल संरचना सिद्धांत' (Basic Structure Doctrine) तथा न्यायिक समीक्षा की शक्ति के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मूल संरचना सिद्धांत' की अवधारणा का प्रथम स्पष्ट प्रतिपादन गोलकनाथ वाद (1967) में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया गया था, जिसमें यह कहा गया था कि संसद अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, बशर्ते वह मौलिक अधिकारों को कम न करे।
2. मिनर्वा मिल्स वाद (1980) में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि 'संविधान की सीमित संशोधन शक्ति' और 'न्यायिक समीक्षा' दोनों ही संविधान की मूल संरचना के अभिन्न अंग हैं, और संसद संविधान के माध्यम से अपनी शक्ति को अनियंत्रित नहीं बना सकती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 137 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को स्वयं अपने द्वारा दिए गए निर्णय या आदेश की पुनरावलोकन (Review) करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु संविधान संशोधन अधिनियमों (Constitutional Amendment Acts) को न्यायिक समीक्षा के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूमध्यरेखीय जलवायु प्रदेश' (Equatorial Climatic Region) और उससे संबंधित भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूमध्यरेखीय जलवायु क्षेत्र मुख्य रूप से भूमध्य रेखा के दोनों ओर 5° से 10° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के मध्य पाया जाता है, जहाँ वर्ष भर उच्च तापमान और उच्च सापेक्षित आर्द्रता के साथ प्रतिदिन दोपहर के बाद संवहन वर्षा (Convectional rainfall) होना इस क्षेत्र की प्रमुख विशेषता है।
2. इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में वर्षा और तापमान की अनुकूल दशाएँ होने के बावजूद यहाँ की मिट्टी (जैसे लेटराइट मृदा) अत्यधिक लीचिंग (Leaching) प्रक्रिया के कारण तेजी से पोषक तत्वों से वंचित हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर स्थायी कृषि के लिए अनुपयुक्त होता है और यहाँ 'स्थानांतरित कृषि' (Shifting Cultivation) प्रचलित है।
3. इस क्षेत्र में पाए जाने वाले उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों (Tropical Rainforests) में पादपों की विभिन्न प्रजातियाँ एक ही स्थान पर मिश्रित रूप से उगती हैं, और यहाँ सूर्य के प्रकाश के लिए तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण पौधे कई स्पष्ट क्षैतिज परतों (Canopy layers) का निर्माण करते हैं, जिनमें धरातल पर घनी झाड़ियाँ उगती हैं क्योंकि सूर्य का प्रकाश बिना किसी बाधा के सीधे वन तल तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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