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अकबर के दरबार का प्रसिद्ध संगीतज्ञ कौन था?
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Detailed Explanation
तानसेन अकबर के दरबार के महान संगीतज्ञ थे।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 161' के अंतर्गत राज्यपाल की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) तथा इससे संबंधित न्यायिक निर्णयों और प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्य के राज्यपाल को उस विषय से संबंधित, जिसके संबंध में राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार है, किसी विधि के विरुद्ध किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति के दंडादेश को क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार करने अथवा दंडादेश का निलंबन, परिहार या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु राज्यपाल को मृत्युदंड (Death Sentence) को पूरी तरह से माफ करने या क्षमा (Pardon) देने की संवैधानिक शक्ति प्राप्त नहीं है।
2. 'मरु राम बनाम भारत संघ (1980)' और 'एतवा उरांव बनाम झारखंड राज्य' मामलों में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही किया जाना अनिवार्य है, और यह शक्ति न्यायोचित (Justiciable) है, अर्थात् यदि इसका प्रयोग दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक पूर्वाग्रह या असंगत आधारों पर किया जाता है, तो न्यायालय द्वारा इसकी न्यायिक समीक्षा की जा सकती है।
3. 'श्रीहरन उर्फ मुरुगन बनाम भारत संघ (2016)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने यह व्यवस्था दी थी कि यदि किसी मामले में केंद्र सरकार के कानूनों (जैसे IPC या ताज़ा BNS या विशेष केंद्रीय कानून) के तहत अपराध हुआ है और दंडादेश दिया गया है, तो उस स्थिति में राज्य के राज्यपाल के पास अनुच्छेद 161 के अंतर्गत क्षमादान देने की अनन्य शक्ति होती है, भले ही उस मामले में अंतिम अपील सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय की गई हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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बक्सर के युद्ध (1764) में ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किसने किया था?
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RIMPAC 2026 Maritime Exercise का आयोजन कहाँ किया जा रहा है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329A) तथा 'निर्वाचन आयोग' (Election Commission) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य के विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में निहित है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त शामिल होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संसद की एक उच्च-स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर की जाती है।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों या क्षेत्रीय आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता।
3. संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनाव मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप पर रोक (Bar to interference by courts in electoral matters) का प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार संसद या राज्य विधानमंडल के लिए निर्वाचन से संबंधित किसी भी कानून की वैधता को केवल नियमित चुनाव याचिका (Election Petition) के माध्यम से ही उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है, और चुनाव प्रक्रिया के बीच में किसी भी न्यायालय द्वारा कोई अंतरिम आदेश या रोक नहीं लगाई जा सकती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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निम्नलिखित में से किस शासक ने 'नागानंद' नाटक की रचना की थी?
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