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सहायक संधि (Subsidiary Alliance) को किसने लोकप्रिय बनाया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉर्ड वेलेजली ने सहायक संधि के माध्यम से भारतीय राज्यों को ब्रिटिश नियंत्रण में लिया।
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जीएसटी परिषद का गठन किस संविधान संशोधन द्वारा किया गया?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और उससे संबंधित विधिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना वर्ष 2010 में 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम' के तहत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों का प्रभावी और तीव्र गति से निपटारा करना है।
2. यह अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत निर्धारित सख्त न्यायिक प्रक्रियाओं और नियमों से पूरी तरह बाध्य है, और इसे अपने समक्ष आने वाले मामलों की सुनवाई करते समय 'नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों' (Principles of Natural Justice) का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती है।
3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्णयों या आदेशों के विरुद्ध अपील सीधे सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में की जा सकती है, क्योंकि इसके आदेशों को चुनौती देने के लिए देश के उच्च न्यायालयों (High Courts) के अपीलीय क्षेत्राधिकार को पूरी तरह से वर्जित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'एल् नीनो-दक्षिणी दोलन' (El Niño-Southern Oscillation - ENSO) और इसके भारतीय मानसून पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल् नीनो एक गर्म महासागरीय धारा का अस्थायी विकास है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट (पेरू के तट के पास) ठंडे पानी के प्रतिस्थापन के रूप में प्रकट होती है, और इसके प्रभाव से प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग (ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया) में उच्च दाब तथा पूर्वी भाग (पेरू तट) में निम्न दाब की स्थिति उत्पन्न होती है।
2. 'दक्षिणी दोलन सूचकांक' (Southern Oscillation Index - SOI) ताहिती (दक्षिण प्रशांत महासागर) और डार्विन (ऑस्ट्रेलिया) के बीच वायुमंडलीय दाब के अंतर को मापता है; यदि SOI ऋणात्मक (Negative) होता है, तो यह सामान्यतः भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के कमजोर होने और कम वर्षा का संकेत देता है।
3. 'ला नीना' (La Niña) को एल् नीनो का विपरीत चरण माना जाता है, जिसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारत में सामान्य या उससे अधिक मानसूनी वर्षा की संभावना प्रबल हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Interior of the Earth) तथा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के संचरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंपीय तरंगों में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं।
2. वैज्ञानिकों ने प्राथमिक और द्वितीयक तरंगों के वेग परिवर्तन और छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि पृथ्वी का 'बाहरी क्रोड़' (Outer Core) तरल अवस्था में है, क्योंकि इस क्षेत्र में S-waves पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं जबकि P-waves का मार्ग विवर्तित (Refract) होता है।
3. पृथ्वी की आंतरिक परतों के बीच पाई जाने वाली 'लेहमैन असंबद्धता' (Lehmann Discontinuity) क्रस्ट (Crust) और ऊपरी मेंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा का निर्धारण करती है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, 'महायान बौद्ध धर्म' तथा 'बौद्धिसत्वों की अवधारणा' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महायान बौद्ध धर्म का उदय कुषाण काल के दौरान, विशेषकर कनिष्क के शासनकाल में आयोजित चतुर्थ बौद्ध संगीति के उपरांत स्पष्ट रूप से सामने आया, जिसमें बुद्ध की मूर्तियों की पूजा और बोधिसत्वों की परिकल्पना को मुख्यधारा में अपनाया गया।
2. वज्रपाणि, अवलोकितेश्वर और मैत्रेय प्रमुख बोधिसत्व हैं, जिनमें से 'अवलोकितेश्वर' (पद्मपाणि) को भविष्य के बुद्ध के रूप में चित्रित किया गया है जो इस कल्प के अंत में धर्म की पुनर्स्थापना के लिए धरती पर अवतरित होंगे।
3. महायान परंपरा में 'पारमिता' (Perfections) के मार्ग का अनुसरण करते हुए बोधिसत्वों द्वारा स्वयं की व्यक्तिगत मुक्ति (निर्वाण) से पहले समस्त sentient beings (प्राणियों) की मुक्ति का संकल्प लिया जाता है, जिसे महायान दर्शन में 'बोधिसत्व आदर्श' कहा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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