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वुड का डिस्पैच (Wood Despatch) किस वर्ष जारी किया गया था?

Detailed Explanation

वुड डिस्पैच 1854 में जारी किया गया था, जिसे भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा कहा जाता है।
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क्या सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को परामर्श देने के लिए बाध्य है? किस भारतीय महिला क्रिकेटर को एगिलिटास के स्पोर्ट्सवियर ब्रांड ONE8 का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' (आपात उपबंध - अनुच्छेद 352 से 360) के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency - अनुच्छेद 352) के प्रावधानों और इसके प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा का आधार 'युद्ध', 'बाह्य आक्रमण' या 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) था, किंतु 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'आंतरिक अशांति' शब्द को हटाकर उसकी जगह 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द को शामिल किया गया। 2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा या उसके जारी रहने की संपुष्टि के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा इसे अपने कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत (Special Majority) द्वारा अनुमोदित करना अनिवार्य है, और यह अनुमोदन उद्घोषणा की तिथि से दो माह के भीतर हो जाना चाहिए। 3. जब राष्ट्रीय आपातकाल प्रवर्तन में होता है, तब अनुच्छेद 358 के अंतर्गत स्वतः ही अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त सभी छह मूल अधिकार निलंबित हो जाते हैं, और इसके साथ ही राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त होता है कि वह अनुच्छेद 359 के तहत आदेश जारी कर भाग III द्वारा प्रदत्त अन्य मूल अधिकारों (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन के लिए किसी भी न्यायालय में जाने के अधिकार को निलंबित कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV-क' (Part IV-A) के अंतर्गत 'मूल कर्तव्य' (Fundamental Duties - Article 51A) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इन्हें स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की सिफारिशों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, तथा वर्तमान में संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत कुल 11 मूल कर्तव्य हैं, जिनमें से 11वें मूल कर्तव्य को 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया था। 2. ये मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, तथा प्रकृति में ये गैर-प्रवर्त्य (Non-justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि इनके उल्लंघन पर सीधे न्यायालय द्वारा कोई कानूनी दंड का प्रावधान संविधान के इस अनुच्छेद में स्वतः नहीं किया गया है, जब तक कि संसद इसके क्रियान्वयन के लिए कोई पृथक विधि न बनाए। 3. जिस प्रकार मूल अधिकारों (Fundamental Rights) के उल्लंघन की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर सकता है, उसी प्रकार संविधान में मूल कर्तव्यों के प्रवर्तन या उनके उल्लंघन को रोकने के लिए भी प्रत्यक्ष रूप से न्यायिक रिट (Writs) जारी करने का विशिष्ट प्रावधान किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 161' के अंतर्गत राज्यपाल की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) तथा राष्ट्रपति की शक्ति के साथ इसकी तुलना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत किसी राज्य के राज्यपाल को उस राज्य की कार्यकारी शक्ति के विस्तार वाले विषयों से संबंधित विधियों के विरुद्ध किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति के दंडादेश को क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार करने अथवा उसके निलंबन, परिहार या लघुकरण की शक्ति प्राप्त है। 2. राष्ट्रपति के विपरीत, राज्यपाल को किसी भी मामले में—चाहे वह मृत्युदंड (Death Sentence) का मामला हो या सैन्य न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिया गया दंड—क्षमादान या मृत्युदंड को माफ करने की संवैधानिक शक्ति प्राप्त नहीं है, और मृत्युदंड के मामले में केवल भारत के राष्ट्रपति को ही अनुच्छेद 72 के तहत अनन्य क्षमादान शक्ति प्राप्त है। 3. 'महिपाल सिंह बनाम राजस्थान राज्य (2013)' और अन्य न्यायिक निर्णयों में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि राज्यपाल की क्षमादान शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह के अधीन ही किया जाता है, किंतु यदि राज्यपाल इस शक्ति का प्रयोग स्वविवेक से करते हैं, तो उनकी निर्णय प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा के दायरे से पूर्णतः परे होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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