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बेतवा नदी यमुना से किस स्थान पर मिलती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बेतवा नदी हमीरपुर के पास यमुना में मिलती है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत संसद की वित्तीय समितियों (Financial Committees) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) संसद की सबसे बड़ी समिति है, जिसमें कुल 30 सदस्य होते हैं और इसके सभी सदस्य केवल लोकसभा से चुने जाते हैं, जबकि राज्यसभा का कोई भी सदस्य इस समिति में शामिल नहीं होता है।
2. लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee - PAC) में कुल 22 सदस्य होते हैं, जिनमें 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से होते हैं, तथा परंपरा के अनुसार इस समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष द्वारा विपक्ष के सदस्यों में से ही की जाती है।
3. सार्वजनिक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings) की स्थापना मूल संविधान में ही की गई थी, किंतु वर्ष 1964 में कृष्ण मेनन समिति की संस्तुति के बाद इसके स्वरूप में संशोधन किया गया, और इस समिति के प्रतिवेदन पर नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा संसद में बहस कराई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपातकालीन उपबंध' (Emergency Provisions - Articles 352-360) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार राष्ट्रपति संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, यदि उसे इस बात का समाधान हो गया है कि युद्ध, बाह्य आक्रमण या 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के कारण भारत की सुरक्षा को गंभीर खतरा है, तथा मूल संविधान में 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द के स्थान पर 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द का प्रयोग किया गया था जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा बदला गया था।
2. अनुच्छेद 356 के तहत यदि किसी राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट पर या अन्यथा राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाता है कि उस राज्य की सरकार संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाई जा सकती है, तो राष्ट्रपति उस राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा कर सकता है, और इस प्रकार की घोषणा के अनुमोदन के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा इसे जारी होने की तारीख से दो माह के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) से पारित किया जाना अनिवार्य होता है।
3. अनुच्छेद 360 के अंतर्गत वित्तीय आपातकाल की घोषणा करने की शक्ति राष्ट्रपति को प्राप्त है, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे भारत या उसके राज्यक्षेत्र के किसी भाग का वित्तीय स्थायित्व या साख खतरे में है, तथा वित्तीय आपातकाल की घोषणा को भी संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदन मिलना आवश्यक होता है, और एक बार अनुमोदित होने के बाद यह अनिश्चित काल तक तब तक प्रवृत्त रहता है जब तक कि राष्ट्रपति इसे स्वयं एक नई घोषणा द्वारा वापस नहीं ले लेता।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (संघ और राज्यों के बीच विधाई संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) के अंतर्गत विधाई शक्तियों के वितरण और उससे संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार, संसद को संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, तथा संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता है कि उसका 'अति-क्षेत्रीय प्रभाव' (Extra-territorial operation) है।
2. यदि समवर्ती सूची (Concurrent List) के किसी विषय पर संसद द्वारा बनाया गया कानून और राज्य के विधानमंडल द्वारा बनाया गया कानून एक-दूसरे के विरुद्ध या असंगत होते हैं, तो हमेशा संसद का कानून ही प्रभावी होगा, चाहे राज्य का कानून बाद में बनाया गया हो या उसे राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति प्राप्त हुई हो।
3. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से एक संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है कि संसद राज्य सूची (State List) में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद को उस विषय पर पूरे देश के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है।
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भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'धन विधेयक' (Money Bill - Article 110) तथा उसके विधायी प्रक्रियागत पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 110 के अनुसार, किसी विधेयक को धन विधेयक तभी माना जाएगा जब उसमें केवल और केवल कराधान, भारत की संचित निधि से धन का विनियोजन, या उससे संबंधित सभी या किन्हीं आकस्मिक विषयों के प्रावधान शामिल हों, और यदि किसी विधेयक में धन संबंधी प्रावधानों के साथ-साथ अन्य सामान्य विधायी मामले भी जुड़े हैं, तो उसे किसी भी परिस्थिति में धन विधेयक के रूप में प्रमाणित नहीं किया जा सकता है।
2. लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) का यह प्रमाण पत्र कि कोई विधेयक एक धन विधेयक है, अंतिम होता है और इस प्रश्न पर किसी भी न्यायालय में, या संसद के किसी भी सदन में (लोकसभा को छोड़कर), अथवा राष्ट्रपति द्वारा आपत्ति नहीं की जा सकती है।
3. राज्यसभा को धन विधेयक के संबंध में अत्यंत सीमित शक्तियाँ प्राप्त हैं; वह न तो इसे अस्वीकार कर सकती है और न ही इसमें संशोधन कर सकती है, बल्कि उसे केवल अपनी सिफारिशें देनी होती हैं जिन्हें मानने के लिए लोकसभा बाध्य नहीं है, तथा यदि राज्यसभा 14 दिनों के भीतर विधेयक को वापस नहीं करती है, तो उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में उसे लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 324' के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India - ECI) की संरचना, स्वतंत्रता और शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. निर्वाचन आयोग एक स्थायी और अखिल भारतीय निकाय है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने ही अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, जितने समय-समय पर राष्ट्रपति द्वारा तय किए जाते हैं, और संविधान ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की अहर्ताओं या योग्यताओं को विधिवत रूप से निर्धारित किया है।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों या क्षेत्रीय आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
3. निर्वाचन आयोग के पास संसद और राज्य विधानमंडलों के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति के साथ-साथ चुनावों में उत्पन्न होने वाले सभी प्रकार के चुनावी विवादों का न्यायिक रूप से अंतिम निर्णय लेने की अनन्य शक्ति भी निहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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