त्वरित लिंक्स
Civil services
7 views
पूना पैक्ट के बाद प्रांतीय विधानमंडलों में दलित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़कर कितनी कर दी गई थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पूना पैक्ट के तहत दलित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 71 से बढ़ाकर 147 कर दी गई थी।
Related Questions
→
प्लासी का युद्ध किनके बीच लड़ा गया था?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV-क' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51-क) तथा स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की सिफारिशों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इन्हें वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर संविधान में जोड़ा गया था, और वर्तमान में संविधान में कुल 11 मूल कर्तव्य हैं जिन्हें अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत रखा गया है।
2. 11वाँ मूल कर्तव्य, जिसके तहत छह से चौदह वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षण को अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य सौंपा गया है, उसे वर्ष 2002 के 86वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था।
3. भारतीय संविधान के अंतर्गत ये सभी मूल कर्तव्य प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि यदि कोई नागरिक अपने किसी मूल कर्तव्य का पालन नहीं करता है, तो संसद या राज्य विधानमंडल उसके उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई या दंड का प्रावधान करने के लिए स्वतंत्र हैं, और इन्हें लागू करने के लिए संविधान में सीधे तौर पर रिट अधिकारक्षेत्र का प्रावधान किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय इतिहास और कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व शब्दावली के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में 'दीवान-ए-मुस्तखराज' (Diwan-i-Mustakhraj) नामक विभाग की स्थापना अलाउद्दीन खिलजी द्वारा की गई थी, जिसका प्रमुख कार्य लगान बकायेदारों की जाँच करना और राजस्व की वसूली में हुई हेराफेरी को रोकना था।
2. 'इक्ता प्रणाली' (Iqta System) के अंतर्गत सल्तनत के सुल्तानों द्वारा सैन्य अधिकारियों और अमीरों को वेतन के बदले भूमि के टुकड़े (इक्ता) प्रशासनिक नियंत्रण के लिए दिए जाते थे, तथा इल्तुतमिश के शासनकाल में ये इक्ता आनुवंशिक (Hereditary) बन गए थे और इनका हस्तांतरण पूर्णतः प्रतिबंधित था।
3. सल्तनत कालीन राजस्व व्यवस्था में 'खराज' (Kharaj) गैर-मुसलमानों पर लगाया जाने वाला भूमि कर था जो उनकी कुल उपज का एक-तिहाई से आधा हिस्सा होता था, जबकि 'जकात' (Zakat) मुसलमानों से उनकी संपत्ति पर लिया जाने वाला एक धार्मिक कर था जो केवल धार्मिक कार्यों और दान के लिए उपयोग किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
निम्नलिखित में से कौन से 'आंतरिक ग्रह' (Inner Planets) हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 355' और 'अनुच्छेद 356' के तहत आपातकालीन उपबंधों तथा इनके अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत संघ का यह कर्तव्य है कि वह बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक राज्य की सरकार इस संविधान के उपबंधों के अनुसार सञ्चालित हो रही है।
2. अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) के विपरीत, अनुच्छेद 355 के अंतर्गत संघ को दी गई शक्तियां और कर्तव्य स्वयंचालित (Self-executing) नहीं हैं, और संघ सरकार किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता का आकलन किए बिना अनुच्छेद 355 का हवाला देकर सीधे बल प्रयोग नहीं कर सकती जब तक कि राज्य सरकार इसके लिए औपचारिक रूप से अनुरोध न करे।
3. 'एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह प्रतिपादित किया था कि अनुच्छेद 355 एक ऐसा सुरक्षात्मक उपबंध है जो संघ को यह अधिकार देता है कि वह किसी राज्य में कानून व्यवस्था की सामान्य समस्याओं को भी तुरंत 'संवैधानिक तंत्र की विफलता' मानकर सीधे राष्ट्रपति शासन लागू कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.