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1858 के एक्ट के बाद भारत के 'गवर्नर जनरल' को किस नाम से जाना जाने लगा?

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1858 के एक्ट द्वारा गवर्नर जनरल को ब्रिटिश क्राउन के प्रत्यक्ष प्रतिनिधि के रूप में 'वायसराय' कहा जाने लगा।
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वुड का डिस्पैच (Wood Despatch) किस वर्ष जारी किया गया था? भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'पृथ्वी की आंतरिक संरचना' (Interior of the Earth) और भूकंपीय विज्ञान (Seismology) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) के अंतर्गत महासागरीय पर्पटी मुख्य रूप से सिलिका और मैग्नीशियम (Sima) से बनी है और इसका घनत्व महाद्वीपीय पर्पटी की तुलना में अधिक होता है, जबकि महाद्वीपीय पर्पटी मुख्य रूप से सिलिका और एल्यूमीनियम (Sial) से बनी है। 2. 'मोहरोविचिक असांतत्य' (Mohorovicic Discontinuity) भूपर्पटी और ऊपरी मैंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक वृद्धि दर्ज की जाती है। 3. 'गुटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) निम्न मैंटल और बाह्य क्रोड़ के बीच स्थित है, और इस सीमा पर द्वितीयक भूकंपीय तरंगें (S-waves) पूरी तरह से लुप्त हो जाती हैं, क्योंकि बाह्य क्रोड़ तरल अवस्था में है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? बेरिंग जलसंधि किन दो भू-भागों को अलग करती है? भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'हरित बॉन्ड' (Green Bonds) और भारत में इसके विनियामक ढांचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हरित बॉन्ड एक प्रकार का निश्चित आय वाला साधन है जिसे विशेष रूप से जलवायु-परिवर्तन और पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं, जैसे कि अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) और ऊर्जा दक्षता, के लिए वित्त पोषण हेतु डिजाइन किया जाता है। 2. भारत में सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड (Sovereign Green Bonds) के निर्गम और प्रबंधन के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) है, जो इसके दिशानिर्देशों को विनियमित करती है। 3. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी फ्रेमवर्क के अनुसार, सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड से प्राप्त आय का उपयोग देश की सामान्य राजकोषीय घाटे की भरपाई या किसी भी प्रकार की जीवाश्म ईंधन-आधारित परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' के अंतर्गत प्रदत्त 'संवैधानिक उपचारों के अधिकार' तथा रिट (Writ) अधिकार क्षेत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए निर्देश, आदेश या रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने इस अनुच्छेद को 'संविधान की आत्मा और हृदय' कहा था। 2. उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, जो कि भौगोलिक और विषय-क्षेत्र दोनों मामलों में उच्चतम न्यायालय के रिट अधिकार क्षेत्र की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि उच्च न्यायालय मूल अधिकारों के उल्लंघन के अलावा अन्य कानूनी अधिकारों (Ordinary Legal Rights) के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकता है। 3. 'क्यू-वारंटो' (Quo-Warranto - अधिकार पृच्छा) एक ऐसी रिट है जिसे केवल किसी पीड़ित व्यक्ति द्वारा ही अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है, और कोई भी तीसरा या असंबंधित व्यक्ति लोक पद पर अवैध रूप से आसीन व्यक्ति के विरुद्ध इस रिट को दायर करने का अधिकार नहीं रखता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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