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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'पृथ्वी की आंतरिक संरचना' (Interior of the Earth) और भूकंपीय विज्ञान (Seismology) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) के अंतर्गत महासागरीय पर्पटी मुख्य रूप से सिलिका और मैग्नीशियम (Sima) से बनी है और इसका घनत्व महाद्वीपीय पर्पटी की तुलना में अधिक होता है, जबकि महाद्वीपीय पर्पटी मुख्य रूप से सिलिका और एल्यूमीनियम (Sial) से बनी है।
  2. 2. 'मोहरोविचिक असांतत्य' (Mohorovicic Discontinuity) भूपर्पटी और ऊपरी मैंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक वृद्धि दर्ज की जाती है।
  3. 3. 'गुटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) निम्न मैंटल और बाह्य क्रोड़ के बीच स्थित है, और इस सीमा पर द्वितीयक भूकंपीय तरंगें (S-waves) पूरी तरह से लुप्त हो जाती हैं, क्योंकि बाह्य क्रोड़ तरल अवस्था में है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) दो भागों में विभाजित है - महाद्वीपीय पर्पटी जो मुख्य रूप से सिलिका और एल्यूमीनियम (Sial) से बनी है और इसका औसत घनत्व कम होता है, तथा महासागरीय पर्पटी जो सिलिका और मैग्नीशियम (Sima) से बनी है और इसका घनत्व अधिक होता है। कथन 2 सही है: मोहरोविचिक असांतत्य (Moho Discontinuity) क्रस्ट और ऊपरी मैंटल के बीच की सीमा को पृथक करती है। इस गहराई पर चट्टानों के घनत्व में अचानक परिवर्तन के कारण प्राथमिक (P) तरंगों की गति में तीव्र वृद्धि होती है। कथन 3 सही है: गुटेनबर्ग असांतत्य (Gutenberg Discontinuity) मैंटल और बाह्य क्रोड़ (Outer Core) के बीच स्थित है। चूँकि बाह्य क्रोड़ तरल अवस्था में है, इसलिए अनुप्रस्थ प्रकृति की S-तरंगें इसमें प्रवेश नहीं कर पातीं और यहाँ पूरी तरह लुप्त हो जाती हैं।
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