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सही मिलान का चयन करें:

  1. 1. अनुच्छेद 14-समानता,
  2. 2. अनुच्छेद 19-स्वतंत्रता,
  3. 3. अनुच्छेद 21-जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता।

Detailed Explanation

सही मिलान विकल्प B है: 1-b, 2-c, 3-a।
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भारतीय पर्यावरण कानून और 'जैव विविधता अधिनियम, 2002' (Biological Diversity Act, 2002) के प्रावधानों तथा उनके संस्थागत तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अधिनियम भारत के जैविक संसाधनों के संरक्षण, उनके संधारणीय उपयोग और उनके उपयोग से होने वाले लाभों के न्यायसंगत और निष्पक्ष बँटवारे को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है, और इसके तहत त्रि-स्तरीय (Three-tier) संस्थागत ढाँचे की स्थापना का प्रावधान है जिसमें राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA), राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBBs) और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (BMCs) शामिल हैं। 2. 'जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ' (BMCs) स्थानीय निकायों द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में जैविक संसाधनों की उपलब्धता और उनके पारंपरिक ज्ञान से संबंधित 'जन जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करने और उसका दस्तावेजीकरण करने के लिए अनिवार्य रूप से गठित की जाती हैं। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए विभिन्न निर्णयों और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, भारत के किसी भी नागरिक या संस्था को देश के भीतर जैविक संसाधनों का उपयोग करने या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उनका दोहन करने से पहले राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) से पूर्व अनुमति लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है, भले ही वह स्थानीय समुदाय का पारम्परिक संग्रही (Collector) क्यों न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' (Article 32) के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की 'रिट अधिकारिता' (Writ Jurisdiction) और 'अनुच्छेद 226' के अंतर्गत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता के बीच तुलनात्मक अंतर के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जहाँ सर्वोच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) के प्रवर्तन के लिए ही रिट जारी कर सकता है, वहीं उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य कानूनी या सामान्य उद्देश्यों (Any Other Purpose) के लिए भी रिट जारी करने की व्यापक शक्ति रखते हैं। 2. सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का क्षेत्र संपूर्ण भारत (Territorial Jurisdiction across India) पर लागू होता है, जबकि किसी उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का क्षेत्र सामान्यतः केवल उस राज्य या प्रादेशिक क्षेत्राधिकार तक ही सीमित होता है जिसके अंतर्गत वह उच्च न्यायालय कार्यरत है। 3. अनुच्छेद 32 स्वयं में एक मूल अधिकार है, जिसके कारण सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामले में रिट जारी करने से अपनी 'अधिकारिता के अभाव' (Want of jurisdiction) के आधार पर मना कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालयों के लिए रिट जारी करना एक अनिवार्य संवैधानिक कर्तव्य है जिसे वे अस्वीकार नहीं कर सकते। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IVक' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51क) तथा उनके संवैधानिक स्वरूप के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इन्हें स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुतियों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, और वर्तमान में इनकी कुल संख्या ग्यारह है, जिन्हें अनुच्छेद 51क के अंतर्गत एक ही अनुच्छेद में समाहित किया गया है। 2. चूँकि ये मूल कर्तव्य विधिनुसार न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं, अर्थात इनके उल्लंघन पर सीधे तौर पर किसी न्यायालय द्वारा दंड का प्रावधान संविधान के भाग IVक में नहीं किया गया है, किंतु संसद को यह विधिक अधिकार प्राप्त है कि वह इनमें से किसी भी कर्तव्य के प्रभावी क्रियान्वयन या उसके उल्लंघन को रोकने के लिए उपयुक्त विधियाँ (जैसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम या पर्यावरण संरक्षण अधिनियम) बना सकती है। 3. मूल कर्तव्यों का प्रावधान केवल भारत के नागरिकों पर ही लागू होता है, और किसी भी विदेशी नागरिक (चाहे वह भारत में निवासी हो या पर्यटक) पर ये कर्तव्य कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं बनाए गए हैं, तथा न्यायपालिका द्वारा कानूनों की संवैधानिक वैधता की व्याख्या करते समय मूल कर्तव्यों को ध्यान में नहीं रखा जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम' (National Clean Air Programme - NCAP) तथा 'वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981' के विधिक एवं कार्यात्मक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में लॉन्च किया गया राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (NCAP) देश का पहला राष्ट्रव्यापी ऐसा प्रयास है जिसने देश के सभी गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment cities) में पार्टिकुलेट मैटर ($PM_{10}$ और $PM_{2.5}$) की सांद्रता को कम करने के लिए वर्ष 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत की कमी लाने का एक स्पष्ट और समयबद्ध राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया। 2. 'वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981' की धारा 19 के अंतर्गत राज्य सरकारों को यह वैधानिक अधिकार प्राप्त है कि वे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) के साथ परामर्श के बाद किसी भी क्षेत्र को 'वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र' (Air Pollution Control Area) के रूप में घोषित कर सकती हैं, और इस प्रकार अधिसूचित क्षेत्रों में किसी भी ऐसे संदूषक ईंधन या अनधिकृत औद्योगिक उपकरणों का उपयोग करने पर पूर्ण प्रतिबंध होता है जो वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं। 3. वायु अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत स्थापित केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (CPCB & SPCBs) को यह व्यापक शक्ति प्राप्त है कि वे औद्योगिक इकाइयों या प्रदूषणकारी स्रोतों को बंद करने, रोकने या विनियमित करने के लिए निर्देश जारी कर सकते हैं, तथा यदि कोई इकाई या व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो बोर्ड सीधे उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है और उसके विरुद्ध स्थानीय आपराधिक न्यायालय में बिना पूर्व सरकारी अनुमति के सीधे मुकदमा दर्ज करा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? निम्नलिखित में से कौन सी एक ठंडी महासागरीय जलधारा है?
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