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गदर पार्टी की स्थापना किस वर्ष और किसने की थी?

Detailed Explanation

गदर पार्टी की स्थापना 1913 में लाला हरदयाल द्वारा की गई थी।
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भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी को किस अन्य नाम से जाना जाता है? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 123' के अंतर्गत 'राष्ट्रपति की अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति' (Ordinance Making Power of President) के प्रावधानों और उनकी न्यायिक समीक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति संसद की विधि बनाने की शक्ति के सह-विस्तारित (Co-extensive) होती है, जिसका अर्थ है कि राष्ट्रपति उसी विषय पर अध्यादेश प्रख्यापित कर सकता है जिस पर संसद कानून बना सकती है, और इस शक्ति का प्रयोग केवल तभी किया जा सकता है जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों। 2. सर्वोच्च न्यायालय के 'डीडी वसु वाद' और 'कुशल कुमार सिन्हा वाद' के ऐतिहासिक निर्णयों के अनुसार, राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) पूरी तरह से प्रतिबंधित है, और अध्यादेश जारी करने के लिए संतुष्टि का विषय पूरी तरह से कार्यपालिका का अनंतिम स्वविवेक होता है जिसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। 3. प्रत्येक अध्यादेश को संसद के पुनः समवेत (Reassembly) होने पर उसके दोनों सदनों के समक्ष रखा जाना अनिवार्य होता है, और यदि संसद इसे बिना किसी अनुमोदन के छह सप्ताह की अवधि के भीतर अस्वीकार कर देती है या यदि इस अवधि के समाप्त होने से पहले ही दोनों सदन संकल्प द्वारा इसे नापसंद कर देते हैं, तो अध्यादेश स्वतः निष्प्रभाव (Cease to operate) हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (संघ और राज्यों के बीच प्रशासनिक संबंध - अनुच्छेद 256 से 263) तथा अंतर-राज्यीय परिषदों के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अनुसार राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि किसी समय लोक हित में यह प्रतीत होता है कि एक अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की स्थापना से राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच और उन पर सलाह देने में सहायता मिलेगी, तो वह ऐसी परिषद की स्थापना कर सकता है और उसके कृत्यों, संगठन तथा प्रक्रिया को परिभाषित कर सकता है। 2. अंतर-राज्यीय परिषद एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है, जिसका स्पष्ट प्रावधान मूल संविधान में ही वर्ष 1950 से अंतःस्थापित था, और इसके अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसके अनिवार्य सदस्य होते हैं। 3. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission, 1983-88) ने अपनी रिपोर्ट में यह संस्तुति की थी कि केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने के लिए अनुच्छेद 263 के तहत एक स्वतंत्र और स्थायी 'अंतर-राज्यीय परिषद' का गठन किया जाना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा इस परिषद की स्थापना की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/से हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संसद के विशेषाधिकारों' (Parliamentary Privileges) और उससे संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत संसद के दोनों सदनों, इसके सदस्यों और इसकी समितियों को कुछ विशेष अधिकार और उन्मुक्तियाँ प्रदान की गई हैं, ताकि वे अपने कार्यों का स्वतंत्र रूप से निर्वहन कर सकें, और इन विशेषाधिकारों को संहिताबद्ध (Codify) करने के लिए संसद ने अब तक एक विस्तृत व्यापक कानून बना लिया है जिसके तहत सभी अधिकार लिखित रूप में परिभाषित हैं। 2. संसद का कोई भी सदस्य संसद में या उसकी किसी समिति में कही गई किसी भी बात या दिए गए किसी भी मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में किसी भी कानूनी कार्यवाही (Civil or Criminal proceedings) के प्रति पूरी तरह उन्मुस्त (Immune) होता है। 3. जब सदन सत्र में होता है, तो संसद के किसी भी सदस्य को दीवानी मामलों (Civil cases) में उसकी गिरफ्तारी से सदन की बैठक के प्रारंभ होने से 40 दिन पहले और उसकी समाप्ति के 40 दिन बाद तक छूट प्राप्त होती है, और यह उन्मुक्ति आपराधिक मामलों (Criminal cases) या निवारक नजरबंदी (Preventive detention) के मामलों में भी समान रूप से लागू होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'हरित गृह गैसों' (Greenhouse Gases - GHGs), वैश्विक तापन और अंतरराष्ट्रीय जलवायु पहलों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol) के अंतर्गत नियंत्रित की जाने वाली प्रमुख हरित गृह गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$), मीथेन ($CH_4$), नाइट्रस ऑक्साइड ($N_2O$), हाइड्रोफ्लुओरोकार्बन (HFCs), परफ्लुओरोकार्बन (PFCs), सल्फर हेक्साफ्लोराइड ($SF_6$) के साथ-साथ नाइट्रोजन ट्राइफ्लोराइड ($NF_3$) को भी आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। 2. जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के अंतर्गत 'ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल' (GWP) किसी गैस की ऊष्मा-अवशोषण क्षमता को एक निश्चित समयावधि (सामान्यतः 100 वर्ष) में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में मापता है, जिसका अर्थ है कि मीथेन ($CH_4$) का GWP मान कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में अल्पकाल में काफी अधिक होता है। 3. वायुमंडल में पाई जाने वाली 'जल वाष्प' (Water Vapour) पृथ्वी की प्राकृतिक हरित गृह प्रभाव में सबसे बड़ा योगदान देती है, किंतु इसे क्योटो प्रोटोकॉल के अंतर्गत किसी legally binding उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि यह मानवीय गतिविधियों से पूरी तरह स्वतंत्र है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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