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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (संघ और राज्यों के बीच प्रशासनिक संबंध - अनुच्छेद 256 से 263) तथा अंतर-राज्यीय परिषदों के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अनुसार राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि किसी समय लोक हित में यह प्रतीत होता है कि एक अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की स्थापना से राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच और उन पर सलाह देने में सहायता मिलेगी, तो वह ऐसी परिषद की स्थापना कर सकता है और उसके कृत्यों, संगठन तथा प्रक्रिया को परिभाषित कर सकता है।
  2. 2. अंतर-राज्यीय परिषद एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है, जिसका स्पष्ट प्रावधान मूल संविधान में ही वर्ष 1950 से अंतःस्थापित था, और इसके अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसके अनिवार्य सदस्य होते हैं।
  3. 3. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission, 1983-88) ने अपनी रिपोर्ट में यह संस्तुति की थी कि केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने के लिए अनुच्छेद 263 के तहत एक स्वतंत्र और स्थायी 'अंतर-राज्यीय परिषद' का गठन किया जाना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा इस परिषद की स्थापना की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति को सार्वजनिक हित में अंतर-राज्यीय परिषद की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है। यह परिषद राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करने, उन पर विचार करने और साझा हितों से संबंधित विषयों पर सलाह देने का कार्य करती है। कथन 2 गलत है: यद्यपि अंतर-राज्यीय परिषद एक संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है क्योंकि इसका उल्लेख अनुच्छेद 263 में है, किंतु यह मूल संविधान (1950) में स्वतः स्थापित नहीं थी। इसे राष्ट्रपति द्वारा वर्ष 1990 में सरकारी आयोग की सिफारिश पर स्थापित किया गया था। कथन 3 सही है: सरकारी आयोग (1983-88) ने अपनी रिपोर्ट में अनुच्छेद 263 का प्रभावी उपयोग करने की जोरदार सिफारिश की थी, जिसके बाद जनता दल सरकार द्वारा 28 मई 1990 को राष्ट्रपति के एक आदेश के माध्यम से 'अंतर-राज्यीय परिषद' की औपचारिक स्थापना की गई थी। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसके सदस्य होते हैं।
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