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कैबिनेट मिशन योजना (1946) के कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा का गठन,
- 2. भारत के विभाजन को स्वीकार नहीं करना,
- 3. इसके तीन ब्रिटिश मंत्री सदस्य थे।
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
तीनों कथन कैबिनेट मिशन के संदर्भ में सही हैं।
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (NBA) और भारत में जैव विविधता संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) की स्थापना 'जैविक विविधता अधिनियम, 2002' के प्रावधानों के तहत चेन्नई, तमिलनाडु में मुख्यालय के साथ एक सांविधिक (Statutory) और स्वायत्त निकाय के रूप में की गई थी।
2. यह प्राधिकरण किसी भी विदेशी नागरिक, कंपनी या अनिवासी भारतीय (NRI) द्वारा भारत से किसी भी जैविक संसाधन को प्राप्त करने या जैव-सर्वेक्षण (Bio-survey) करने के लिए पूर्व अनुमति देना अनिवार्य बनाता है, तथा जैव विविधता से प्राप्त बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के आवेदन के लिए भी इसकी मंजूरी आवश्यक है।
3. जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत देश के सभी स्तरों (राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय) पर त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचा प्रदान किया गया है, जिसके तहत 'जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ' (BMCs) स्थानीय निकायों के स्तर पर गठित की जाती हैं, जिन्हें आधिकारिक तौर पर 'लोक जैव विविधता रजिस्टर' (PBR) तैयार करने और बनाए रखने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 371' और इसके विभिन्न खंडों के तहत देश के कुछ विशेष राज्यों के लिए दिए गए 'विशेष उपबंधों' (Special Provisions) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 371-A के तहत नागालैंड राज्य के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसके अनुसार संसद का कोई भी अधिनियम नागालैंड की धार्मिक या सामाजिक प्रथाओं, नागा प्रथागत कानून और प्रक्रिया, तथा भूमि व उसके संसाधनों के स्वामित्व एवं हस्तांतरण से संबंधित मामलों में तब तक लागू नहीं होगा जब तक कि नागालैंड की विधानसभा इसके लिए संकल्प पारित नहीं करती है।
2. अनुच्छेद 371-D के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के संबंध में विशेष उपबंध किए गए हैं, जिसके अंतर्गत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह राज्य में शैक्षिक संस्थानों और सार्वजनिक रोजगार में विशिष्ट क्षेत्रों के लोगों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने हेतु आदेश जारी कर सकता है तथा इसके लिए प्रशासनिक न्यायाधिकरणों की स्थापना का प्रावधान कर सकता है।
3. अनुच्छेद 371-H के तहत मिजोरम राज्य के लिए विशेष प्रावधान के अंतर्गत राज्यपाल को कानून और व्यवस्था के रखरखाव के संबंध में एक विशेष उत्तरदायित्व सौंपा गया है, और इस मामले में राज्यपाल अपने मंत्रिपरिषद से परामर्श करने के बाद भी अपने 'स्वविवेक' (Discretion) के अनुसार निर्णय लेता है, जिसका निर्णय अंतिम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम' (National Clean Air Programme - NCAP) तथा भारत में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में लॉन्च किया गया NCAP देश का पहला ऐसा राष्ट्रीय ढांचा है, जिसका उद्देश्य देश के चुनिंदा गैर-प्राप्ति शहरों (Non-Attainment Cities) में वायु प्रदूषण (PM10 और PM2.5 सांद्रता) को एक निश्चित समयावधि में कम करना है।
2. इस कार्यक्रम के तहत मूल लक्ष्य यह निर्धारित किया गया था कि वर्ष 2017 के आधार वर्ष (Base Year) की तुलना में वर्ष 2024 तक इन लक्षित शहरों में पार्टिकुलेट मैटर (PM) के सांद्रण में 20% से 30% तक की कमी लाई जाए, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40% तक की कमी करने का लक्ष्य कर दिया गया है।
3. NCAP के अंतर्गत शहरों को मिलने वाली वित्तीय सहायता पूरी तरह से केंद्र सरकार के केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिसमें राज्य सरकारों या स्थानीय निकायों के लिए किसी भी प्रकार के सह-वित्तपोषण या प्रदर्शन-आधारित अनुदान का कोई प्रावधान नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 161' के अंतर्गत राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति (Pardoning Power) तथा इसकी सीमाओं और न्यायिक समीक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल को उस विषय संबंधी विधि के विरुद्ध किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति के दंड को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने अथवा दंडादेश के निलंबन, परिहार या लघुकरण की शक्ति प्राप्त है जिस विषय तक राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है।
2. 'हरगोविन्द पंत बनाम रघुनाथ सिंह (1979)' और अन्य मामलों में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की तरह राज्यपाल को भी किसी भी मामले में 'मृत्युदंड' (Death Sentence) को पूरी तरह से क्षमा करने या माफ करने की संवैधानिक शक्ति प्राप्त है।
3. 'राज्य बनाम सतीश (2023)' या अन्य हालिया निर्णयों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है कि यदि कोई राज्य विधानमंडल किसी ऐसे विषय पर कानून बनाता है जिसके तहत मृत्युदंड या कारावास का प्रावधान है, तो राज्यपाल की अनुच्छेद 161 के अधीन क्षमादान शक्ति मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना पूरी तरह से उनके व्यक्तिगत स्वविवेक पर निर्भर होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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केसरी और मराठा समाचार पत्रों का संपादन किसने किया था?
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