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Indian Polity
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पंकिल जल (मटमैले पानी) के निसादन के लिए किसका प्रयोग किया जाता है?

Detailed Explanation

फिटकरी (Alum) का उपयोग जल के स्कंदन (Coagulation) के लिए किया जाता है।
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) में उल्लिखित विभिन्न आयामों और उससे संबंधित ऐतिहासिक न्यायिक दृष्टांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्तावना में उल्लिखित 'न्याय' (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) के आदर्श को वर्ष 1917 की रूसी क्रांति से प्रेरणा लेकर शामिल किया गया था, जबकि 'स्वतंत्रता, समता और बंधुता' के आदर्श फ्रांसीसी क्रांति पर आधारित हैं। 2. 'गोलकनाथ वाद (1967)' में उच्चतम न्यायालय ने पहली बार यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और संसद को अनुच्छेद 368 के अंतर्गत इसमें संशोधन करने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है। 3. प्रस्तावना न तो विधायिका की शक्ति का स्रोत है और न ही उसकी शक्तियों पर कोई प्रतिबंध लगाती है, तथा इसकी प्रकृति गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) है, जिसका अर्थ है कि इसके प्रावधानों को अदालतों में सीधे लागू नहीं कराया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 352 में संशोधन करके यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए की जा सकती है, तथा राष्ट्रपति द्वारा ऐसी उद्घोषणा केवल तभी की जा सकती है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) का लिखित निर्णय उसे संसूचित किया गया हो। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर भी न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है, तथा आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को किसी भी स्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है। 3. अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की उद्घोषणा को 38वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूरी तरह बाहर कर दिया गया था, जिसे बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा समाप्त कर दिया गया और यह व्यवस्था की गई कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत भारतीय नागरिकता के अर्जन, समाप्ति तथा नागरिकता संबंधी विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 11 के तहत भारतीय संसद को यह पूर्ण शक्ति प्रदान की गई है कि वह नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में कोई भी उपबंध कर सके, और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1957 (मूल रूप से 1955) अधिनियमित किया था। 2. नागरिकता अधिनियम, 1957 के अनुसार भारत में जन्म (Birth), वंश (Descent), पंजीकरण (Registration), देशीयकरण (Naturalization) और राज्यक्षेत्र के समावेशन (Incorporation of territory) के आधार पर नागरिकता प्राप्त की जा सकती है, तथा वर्ष 2019 के संशोधन के पश्चात अवैध प्रवासियों (Illegal Migrants) के लिए देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के मार्ग को और अधिक सुगम बना दिया गया है। 3. अनुच्छेद 9 के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो भारत की नागरिकता स्वतः समाप्त (Termination) हो जाती है, किंतु यह नियम उन परिस्थितियों में लागू नहीं होता जब देश में युद्ध की स्थिति चल रही हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग, अनुसूचियों और राजभाषा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संवैधानिक संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संविधान संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, जबकि अंग्रेजी भाषा को इस अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है। 2. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित किया गया है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्यवाहियाँ केवल हिंदी भाषा में ही संचालित की जाएंगी, और संसद या राज्य विधानमंडल द्वारा विधि बनाकर अंग्रेजी के प्रयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है। 3. राजनीतिक दलों के पंजीकरण (Registration) और उन्हें 'राष्ट्रीय' या 'राज्यीय' दल के रूप में मान्यता देने की शक्ति भारत के निर्वाचन आयोग को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत प्राप्त है, तथा दसवीं अनुसूची के अंतर्गत दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी दल का किसी अन्य दल में विलय (Merger) तभी वैध माना जाता है जब उस दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य विलय के पक्ष में हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग III के अंतर्गत वर्णित मूल अधिकारों (Fundamental Rights) और उनसे संबंधित न्यायिक निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत 'प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण' के दायरे में सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से निजता का अधिकार (Right to Privacy), त्वरित विचारण का अधिकार (Right to Speedy Trial), और विदेशों जाने का अधिकार (Right to go abroad) को भी शामिल किया है, तथा यह अधिकार नागरिकों और विदेशियों दोनों को समान रूप से उपलब्ध है। 2. अनुच्छेद 32 के तहत 'संवैधानिक उपचारों का अधिकार' स्वयं में एक मूल अधिकार है, जिसे डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने 'संविधान की आत्मा और हृदय' कहा था, और इस अनुच्छेद के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही रिट जारी कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 के तहत मूल अधिकारों के साथ-साथ सामान्य कानूनी अधिकारों के उल्लंघन पर भी रिट जारी करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है। 3. अनुच्छेद 33 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह सशस्त्र बलों, पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों और लोक व्यवस्था बनाए रखने वाले बलों के सदस्यों के मूल अधिकारों को प्रतिबंधित या निराकृत कर सके, ताकि उनके कर्तव्यों का उचित निर्वहन और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके, तथा इस प्रकार के प्रतिबंध लगाने की विशेष शक्ति केवल राज्य विधानमंडलों के पास होती है, संसद के पास नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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