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Indian Polity
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत भारतीय नागरिकता के अर्जन, समाप्ति तथा नागरिकता संबंधी विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 11 के तहत भारतीय संसद को यह पूर्ण शक्ति प्रदान की गई है कि वह नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में कोई भी उपबंध कर सके, और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1957 (मूल रूप से 1955) अधिनियमित किया था।
  2. 2. नागरिकता अधिनियम, 1957 के अनुसार भारत में जन्म (Birth), वंश (Descent), पंजीकरण (Registration), देशीयकरण (Naturalization) और राज्यक्षेत्र के समावेशन (Incorporation of territory) के आधार पर नागरिकता प्राप्त की जा सकती है, तथा वर्ष 2019 के संशोधन के पश्चात अवैध प्रवासियों (Illegal Migrants) के लिए देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के मार्ग को और अधिक सुगम बना दिया गया है।
  3. 3. अनुच्छेद 9 के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो भारत की नागरिकता स्वतः समाप्त (Termination) हो जाती है, किंतु यह नियम उन परिस्थितियों में लागू नहीं होता जब देश में युद्ध की स्थिति चल रही हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 11 के तहत संसद को नागरिकता के अधिकार के विनियमन की शक्ति दी गई है, और संसद ने इसी शक्ति के तहत नागरिकता अधिनियम, 1955 (जिसे अक्सर परीक्षा संदर्भों में 1957 भी कहा जाता है, हालांकि अधिनियम 1955 का है) पारित किया था। कथन 2 गलत है क्योंकि 2019 के नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) ने अवैध प्रवासियों को देशीयकरण (Naturalization) द्वारा नागरिकता प्राप्त करने से छूट नहीं दी है, बल्कि इसके विपरीत इसने छह विशिष्ट समुदायों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) के प्रवासियों को कुछ शर्तों के साथ वैध बनाते हुए पंजीकरण या देशीयकरण की अवधि को कम किया है, तथा अवैध प्रवासियों के मूल मार्ग को आसान नहीं बनाया गया है। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 9 के तहत स्वेच्छा से दूसरे देश की नागरिकता प्राप्त करने पर नागरिकता की समाप्ति युद्ध या शांति की स्थिति पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह स्वतः प्रभावी होती है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जाएं।
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