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History of India
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दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाला वह सुल्तान कौन था जो "हिंदू से मुसलमान" बना था?

Detailed Explanation

खुसरो खाँ हिंदू से मुसलमान बना था।
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वर्ष 1857 के विद्रोह की प्रकृति और उसके वैचारिक मूल्यांकन के संदर्भ में, विभिन्न इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध कथनों पर विचार कीजिए: 1. वी. डी. सावरकर ने अपनी पुस्तक 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857' में इस महान विद्रोह को सुनियोजित राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम की संज्ञा दी है। 2. डॉ. आर. सी. मजूमदार का यह प्रसिद्ध मत था कि 'तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।'- 3. सर जॉन लॉरेन्स और सी. ई. आर. सी. सी. रीस के अनुसार यह विद्रोह मूल रूप से केवल 'सिपाही विद्रोह' (Sepoy Mutiny) था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय मुक्ति न होकर सैनिकों का पेशेवर असंतोष था। 4. टी. आर. होम्स का यह कथन था कि यह विद्रोह 'सभ्यता और बर्बरता के बीच का संघर्ष' था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? किस इतिहासकार ने कहा कि "पानीपत का युद्ध यह तय नहीं कर पाया कि भारत पर कौन राज करेगा, बल्कि यह तय किया कि कौन नहीं करेगा"? भारत में क्रांतिकारी आंदोलन के प्रथम चरण के संदर्भ में, निम्नलिखित संगठनों और उनके स्थापना स्थलों/संस्थापकों से संबंधित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. अनुशीलन समिति (ढाका) — प्रमथनाथ मित्र और पुलिन बिहारी दास 2. अभिनव भारत सोसाइटी — विनायक दामोदर सावरकर और गणेश सावरकर 3. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) — सचिंद्रनाथ সान्याल, राम प्रसाद बिस्मिल और जोगेश चंद्र चटर्जी 4. गदर पार्टी — सोहन सिंह भकना और लाला हरदयाल उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, केंद्रीय अधिकारियों (तीर्थों) और प्रांतीय संचालन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्य प्रशासन में सर्वोच्च अधिकारियों को 'तीर्थ' कहा जाता था, जिनकी संख्या अर्थशास्त्र के अनुसार अठारह थी; इनमें 'समहर्त्ता' संपूर्ण साम्राज्य की आय का संग्रहण और वार्षिक बजट तैयार करने का मुख्य अधिकारी होता था, जबकि 'संनिधातृ' राजकीय कोषागार और भण्डारगृह का मुख्य संरक्षक था। 2. अशोक के शिलालेखों के अनुसार साम्राज्य के प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत चार प्रमुख प्रांत थे—तक्षशिला, उज्जैन, सुवर्णगिरि और तोसली, जिनका प्रशासन सामान्यतः शाही परिवार के राजकुमारों (कुमार या आर्यपुत्र) द्वारा चलाया जाता था। 3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार मौर्यकालीन पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन छह समितियों द्वारा संचालित होता था, जिसमें प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे, और चौथी समिति का मुख्य कार्य विदेशियों की देखरेख करना तथा उनकी सुरक्षा, चिकित्सा और आवास का प्रबंध करना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत में अपनी राजनीतिक और वाणिज्यिक सत्ता के सुदृढ़ीकरण तथा बंबई, मद्रास एवं कलकत्ता के अधिग्रहण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंबई द्वीप को ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय को पुर्तगाली राजकुमारी ब्रिगान्सा की कैथरीन के साथ विवाह के अवसर पर दहेज के रूप में प्राप्त हुआ था, जिसे वर्ष 1668 में सम्राट ने मात्र 10 पाउंड के वार्षिक किराए पर ईस्ट इंडिया कंपनी को हस्तांतरित कर दिया था। 2. मद्रास में अंग्रेजों ने वर्ष 1639 में चंद्रगिरी के स्थानीय शासक (नायक) से अनुमति प्राप्त कर सेंट जॉर्ज किले की नींव रखी थी, जो बाद में दक्षिण भारत में उनके व्यापारिक और प्रशासनिक क्रियाकलापों का मुख्य केंद्र बन गया। 3. जॉब चर्नक के नेतृत्व में वर्ष 1690 में सूतसुती, कलकता और गोविंदपुर नामक तीन गाँवों की जमींदारी प्राप्त कर कलकत्ता (फोर्ट विलियम) की स्थापना की गई थी, जिसे कालांतर में बंगाल प्रेसीडेंसी का मुख्यालय बनाया गया। 4. वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी किए गए ऐतिहासिक शाही फरमान (जिसे अंग्रेजों का 'मैग्ना कार्टा' भी कहा जाता है) के तहत कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में 3000 रुपये वार्षिक कर के बदले मुफ्त व्यापार करने और अपने सिक्के ढालने का अधिकार मिल गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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