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History of India
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इब्राहिम लोदी की पराजय ने भारत में किस व्यवस्था को समाप्त कर दिया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस हार से दिल्ली सल्तनत का अंत हो गया।
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और पुर्तगाली तथा ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक चरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फ्रांसिस्को डी अल्मीडा ने भारत में पुर्तगाلي शक्ति को सुदृढ़ करने के लिए 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) का प्रतिपादन किया था, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना और अरब तथा वेनिस के व्यापारियों के प्रभाव को समाप्त करना था।
2. अल्बुकर्क को भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है, जिसने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा को छीनकर पुर्तगालियों के अधिकार में ले लिया और क्षेत्र में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने तथा पुर्तगाली पुरुषों को स्थानीय महिलाओं से विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया।
3. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (राजपत्र) के माध्यम से पूर्व के देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार अनिश्चित काल के लिए प्रदान किया गया था, जिसे बाद में 1609 में राजा जेम्स प्रथम द्वारा अनिश्चितकालीन विस्तार दिया गया।
4. वर्ष 1612 में सूच्या के समीप 'स्वाली के युद्ध' (Battle of Swally) में कैप्टन थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में अंग्रेजी नौसेना ने पुर्तगाली बेड़े को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप मुगलों का विश्वास अंग्रेजों पर बढ़ा और जहाँगीर ने सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति प्रदान की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य कालीन केंद्रीय प्रशासन में कृषि विभाग के अध्यक्ष को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था, जो राजकीय कृषि भूमि (सीता भूमि) की देखरेख और प्रबंधन करता था।
2. अशोक के लघु शिलालेखों में प्रयुक्त 'रज्जुक' नामक अधिकारी का मुख्य कार्य न्याय प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की पैमाइश और जनपद में राजस्व का निर्धारण करना था।
3. मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन छह समितियों द्वारा संचालित होता था, जिनमें प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे और ये नगर की स्वच्छता, शिल्पियों, विदेशियों तथा व्यापारिक करों की देखरेख करते थे।
4. अशोक के शिलालेखों में उल्लिखित 'प्रतिवेदक' ऐसे विशेष गुप्तचर और रिपोर्टर अधिकारी होते थे जो राजा को प्रजा की स्थिति और साम्राज्य की हर गतिविधि की सूचना किसी भी समय सीधे देने के लिए अधिकृत थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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लड़ाकू पेशवा (Fighting Peshwa) के रूप में किसे जाना जाता है जो कभी कोई युद्ध नहीं हारा?
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दिल्ली में 1857 के विद्रोह के नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली की पुनः प्राप्ति के उपरांत, मेजर विलियम हडसन ने हुमायूं के मकबरे के पास छिपे मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया था और उनके बेटों की हत्या कर दी थी।
2. विद्रोही सिपाहियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए सैनिकों ने मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, किंतु भारत का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित कर दिया था, जिससे इस विद्रोह को अखिल भारतीय प्रतीकात्मक वैधता मिली।
3. बहादुर शाह जफर ने एक सक्रिय और कुशल सैन्य रणनीतिकार के रूप में पूरी दिल्ली की रक्षा का कमान अपने हाथों में संभाला था तथा ब्रिटिश सेनापति जॉन निकोलसन के विरुद्ध खुद रणक्षेत्र में मोर्चे का नेतृत्व किया था।
4. विद्रोह के दमन के पश्चात ब्रिटिश सरकार द्वारा बहादुर शाह जफर पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें निर्वासित कर बर्मा (वर्तमान म्यांमार) के रंगून भेज दिया गया, जहाँ वर्ष 1862 में उनका निधन हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महात्मा गांधी के भारत के प्रारंभिक सत्याग्रहों (चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन) के वैचारिक और व्यावहारिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1917 के चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर गांधीजी ने तिनकथा प्रणाली के विरोध में आवाज उठाई, और इस आंदोलन की सफलता के बाद गांधीजी ने पहली बार अपने राजनीतिक जीवन में 'सत्याग्रह' और 'अहिंसा' के प्रयोग को बड़े पैमाने पर व्यावहारिक रूप दिया था।
2. वर्ष 1918 के अहमदाबाद मिल हड़ताल के दौरान गांधीजी ने प्लेग बोनस को लेकर मिल मालिकों और मजदूरों के बीच चल रहे विवाद में पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का एक हथियार के रूप में सफल प्रयोग किया था।
3. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह में फसल खराब होने के बावजूद ब्रिटिश सरकार द्वारा लगान वसूली की मांग के विरुद्ध गांधीजी ने किसानों को लगान अदायगी रोकने का निर्देश दिया, और इस संघर्ष के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल गांधीजी के एक प्रमुख और निष्ठावान सहयोगी के रूप में उभरे थे।
4. चंपारण सत्याग्रह के दौरान ही रविशंकर व्यास और अनुग्रह नारायण सिन्हा जैसे स्थानीय नेताओं ने गांधीजी का कड़ा विरोध किया था, क्योंकि वे ब्रिटिश सरकार के साथ किसी भी प्रकार के समझौते के पक्ष में नहीं थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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