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History of India
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मौर्य साम्राज्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य कालीन केंद्रीय प्रशासन में कृषि विभाग के अध्यक्ष को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था, जो राजकीय कृषि भूमि (सीता भूमि) की देखरेख और प्रबंधन करता था।
- 2. अशोक के लघु शिलालेखों में प्रयुक्त 'रज्जुक' नामक अधिकारी का मुख्य कार्य न्याय प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की पैमाइश और जनपद में राजस्व का निर्धारण करना था।
- 3. मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन छह समितियों द्वारा संचालित होता था, जिनमें प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे और ये नगर की स्वच्छता, शिल्पियों, विदेशियों तथा व्यापारिक करों की देखरेख करते थे।
- 4. अशोक के शिलालेखों में उल्लिखित 'प्रतिवेदक' ऐसे विशेष गुप्तचर और रिपोर्टर अधिकारी होते थे जो राजा को प्रजा की स्थिति और साम्राज्य की हर गतिविधि की सूचना किसी भी समय सीधे देने के लिए अधिकृत थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था अत्यधिक केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित थी, जिसका विस्तृत वर्णन कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' और मेगस्थनीज की 'इंडिका' में मिलता है। कथन 1 सही है क्योंकि 'सीताध्यक्ष' कृषि विभाग का प्रमुख होता था। कथन 2 सही है; अशोक के चौथे स्तंभ लेख में 'रज्जुक' अधिकारियों को न्याय संबंधी अधिकार दिए जाने का उल्लेख है, और वे राजस्व तथा भूमि सुधार से भी जुड़े थे। कथन 3 गलत है क्योंकि मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र नगर की नगर पालिका का संचालन छह समितियों द्वारा होता था और प्रत्येक समिति में **पाँच नहीं बल्कि छह सदस्य** (कुल 30 सदस्य) होते थे। कथन 4 सही है, 'प्रतिवेदक' गुप्तचर और समाचारदाता होते थे जो किसी भी समय राजा को रिपोर्ट करने के लिए स्वतंत्र थे। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सेना में नए 'एनफील्ड राइफल' को शामिल किए जाने से पहले सैनिकों को जिस कारतूस का प्रयोग करना होता था, उसके आवरण को मुंह से काटना पड़ता था और यह अफवाह तेजी से फैल गई थी कि उस कारतूस के आवरण में गाय और सुअर की चर्बी का प्रयोग किया गया है।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के आदेश का खुलकर विरोध किया और अपने सहकर्मियों को अंग्रेजों के खिलाफ बगावत करने के लिए प्रेरित करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों पर गोली चला दी थी।
3. बैरकपुर की घटना के पश्चात मंगल पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया और 8 अप्रैल 1857 को उन्हें ब्रिटिश कोर्ट-मार्शल के आदेशानुसार सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई, जिसके परिणाम स्वरूप इस असंतोष की आग ने जल्द ही मेरठ और अन्य छावनियों को अपनी चपेट में ले लिया।
4. चर्बी वाले कारतूस की यह घटना केवल बैरकपुर तक ही सीमित रही और इसने कभी भी अवध या अन्य सैन्य छावनियों के सिपाहियों को प्रभावित नहीं किया, क्योंकि भारतीय सिपाहियों ने धार्मिक भावनाओं के आहत होने के बावजूद हमेशा अनुशासन का पालन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक विकास, धार्मिक नीतियों और सैन्य प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जहाँगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत 'दुस्पासिह-सिंहस्पा' प्रणाली की शुरुआत की गई, जिसके तहत मनसबदारों को अपने नियत सवार पद से दोगुने घोड़े रखने की अनुमति दी जाती थी और इसके लिए उन्हें अतिरिक्त भत्ता नहीं मिलता था।
2. शाहजहां के शासनकाल में भू-राजस्व निर्धारण के लिए 'दहशाल' पद्धति को और अधिक कठोरता से लागू किया गया, तथा फसल के नुकसान के आकलन के लिए पारंपरिक 'नस्क' या 'बटाई' पद्धति को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
3. औरंगजेब के शासनकाल में संगीत पर आधिकारिक प्रतिबंध लगा दिया गया था, किंतु उसके काल में शाही दरबार में फारसी भाषा में ऐतिहासिक ग्रंथ लिखे जाने की परंपरा को उसने पूर्व की भांति राजकीय संरक्षण प्रदान करना जारी रखा।
4. मुगल सम्राटों में अकबर ने सर्वप्रथम राजपूतों के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने आमेर के राजा भारमल की पुत्री से विवाह किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश अधिकारियों और उनके कार्यक्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली
2. कैंपबेल — कानपुर एवं लखनऊ
3. ह्यूरोज — झांसी एवं ग्वालियर
4. जेम्स आउट्राम — बनारस एवं इलाहाबाद
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और इसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1857 के विद्रोह के अधिकांश नेताओं के पास कोई सुसंगत भविष्यवादी राजनीतिक दृष्टिकोण, आधुनिक प्रशासनिक ढांचा या अखिल भारतीय स्तर पर एक साझा राष्ट्रीय एजेंडा नहीं था, बल्कि वे मुख्य रूप से अपने व्यक्तिगत हितों, जागीरों या रियासत की बहाली के लिए लड़ रहे थे।
2. नाना साहब, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई और बेगम हजरत महल जैसे नेताओं ने असाधारण व्यक्तिगत वीरता का परिचय दिया, किंतु उनके बीच किसी भी प्रकार के केंद्रीय समन्वय, रणनीतिक एकता और दीर्घकालिक सैन्य योजना का पूर्ण अभाव था।
3. भारत के अधिकांश बड़े रियासतों के शासकों, जमींदारों और शिक्षित अभिजात वर्ग ने विद्रोहियों का खुलकर समर्थन किया, जिससे अंग्रेजों के विरुद्ध एक राष्ट्रव्यापी समानांतर सरकार का गठन संभव हो सका था।
4. विद्रोहियों के पास ब्रिटिश सेना के मुकाबले आधुनिक संचार साधनों, जैसे टेलीग्राफ और रेलवे, तथा अत्याधुनिक तोपखाने का अत्यधिक प्रचुर भंडार था, जिसका उन्होंने युद्ध के दौरान भरपूर लाभ उठाया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल काल में "राजकीय पुस्तकालय" (Imperial Library) का अध्यक्ष क्या कहलाता था?
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