पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण
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राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या होना चाहिए?
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Detailed Explanation
NCF 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूली ज्ञान को उनके बाहरी जीवन और वास्तविक दुनिया के अनुभवों से जोड़ना है, जिससे रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति मिल सके।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चे की गणितीयकरण की क्षमता का विकास करना है। इस संदर्भ में 'गणित का गणितीयकरण' करने से क्या तात्पर्य है?
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राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रचनावादी उपागम के अंतर्गत पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में विद्यार्थियों को निष्क्रिय श्रोता के रूप में न रखकर सक्रिय ज्ञान निर्माता (Active Knowledge Constructor) के रूप में देखा जाता है।
2. इस उपागम के तहत स्थानीय पर्यावरण, मूर्त अनुभवों और क्षेत्रीय भ्रमण (Field Trips) को अमूर्त अवधारणाओं की तुलना में अधिक प्राथमिकता दी जाती है ताकि छात्र अपने परिवेश से संबंध स्थापित कर सकें।
3. पियाजे और वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत रचनावादी दृष्टिकोण के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक आधार प्रदान करते हैं, जहाँ सहपाठियों के साथ अंतःक्रिया (Peer Interaction) ज्ञान निर्माण का एक प्रमुख माध्यम है।
4. पर्यावरण अध्ययन में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के अंतर्गत केवल योगात्मक परीक्षाओं (Summative Assessments) को ही एकमात्र मानक माना जाता है ताकि बच्चों की स्मरण शक्ति की सटीक माप की जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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