राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)
Asked 1 month ago · Viewed 11 times
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम का मुख्य आधार क्या होना चाहिए?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) को विभिन्न विषयों (विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा) को मिलाकर एक एकीकृत (Integrated) रूप में तथा बच्चों के वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित होना चाहिए।
अगला प्रश्न →
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF-2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण…
← पिछला प्रश्न
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक…
Related Questions
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चे की गणितीयकरण की क्षमता का विकास करना है। इस संदर्भ में 'गणित का गणितीयकरण' करने से क्या तात्पर्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों में 'गणितीयकरण' (Mathematization) की क्षमता का विकास करना है। इस संदर्भ में RTE Act 2009 की धारा 29 के प्रावधानों के साथ मिलकर निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण पद्धति इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अंतर्गत ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ने के सिद्धांत तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29(2) के अंतर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम के निर्माण संबंधी प्रावधानों का सूक्ष्म और समालोचनात्मक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन दोनों विधिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के मूल उद्देश्यों के मध्य सबसे सटीक तात्विक सामंजस्य को दर्शाता है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने की वकालत करती है और रट्टा मार प्रणाली (Rote Learning) का कड़ा विरोध करती है। इस संदर्भ में NCF 2005 द्वारा सुझाए गए मार्गदर्शक सिद्धांतों (Guiding Principles) में से निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धांत इस बात पर सबसे अधिक बल देता है कि पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करे?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
→
राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
→
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और गुरुकुल पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुरुकुल शिक्षा प्रणाली में अध्ययन की शुरुआत 'उपनयन संस्कार' के साथ होती थी, जिसके बाद छात्र को 'द्विज' (दूसरा जन्म लेने वाला) कहा जाता था और उसे शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से गुरु के गृह (आश्रम) में निवास करना पड़ता था।
2. प्राचीन वैदिक शिक्षा में पाठ्यक्रम का मुख्य आधार चार वेद, वेदांग, ज्योतिष, कल्प, व्याकरण और निरुक्त थे, तथा उस समय शिक्षा का माध्यम संस्कृत भाषा थी, जिसे मौखिक रूप से कंठस्थ (श्रुति परंपरा) कराया जाता था।
3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र 'समाप्रवर्तन संस्कार' (Diakshant Samaroh) के माध्यम से अपनी शिक्षा समाप्त करता था, जिसके उपरांत वह 'स्नातक' या 'गृहस्थ आश्रम' में प्रवेश करने का अधिकारी बनता था।
4. वैदिक काल और सूत्र काल में महिलाओं के लिए शिक्षा का पूर्ण प्रतिबंध था, और इतिहास में एक भी ऐसी विदुषी महिला का उल्लेख नहीं मिलता जिसने वेदों के मंत्रों की रचना की हो या गुरुकुल में उच्च शिक्षा प्राप्त की हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.