सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)
Asked 1 month ago · Viewed 9 times
प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. EVS में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य केवल विद्यार्थियों के परीक्षा प्राप्तांकों का मात्रात्मक रिकॉर्ड तैयार करना और उन्हें श्रेणियों (Grades) में विभाजित करना है।
- 2. यह मूल्यांकन प्रक्रिया बच्चों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगातिक (Cognitive, Affective, and Psychomotor) तीनों पक्षों के विकास का आकलन करती है, जिसमें उनकी पर्यावरण के प्रति संवेदना और व्यावहारिक क्षमताएँ भी शामिल हैं।
- 3. इसमें पोर्टफोलियो (Portfolio), उपाख्यानात्मक अभिलेख (Anecdotal Records), और सहपाठियों द्वारा मूल्यांकन (Peer Assessment) जैसी गुणात्मक विधियों का उपयोग किया जाना चाहिए।
- 4. CCE शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का एक अभिन्न हिस्सा है, जो शिक्षकों को शिक्षण रणनीतियों में सुधार करने और बच्चों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों (Learning Gaps) की पहचान कर उपचारात्मक शिक्षण देने में मदद करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल श्रेणियों या अंकों में विभाजित करना नहीं है (अतः कथन 1 गलत है)। CCE का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास का आकलन करना है, जिसमें उनके ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता शामिल होती है (कथन 2 सही है)। इसके तहत पोर्टफोलियो, उपाख्यानात्मक अभिलेख और अवलोकन जैसी गुणात्मक तकनीकों का प्रयोग किया जाता है (कथन 3 सही है)। साथ ही, यह मूल्यांकन शिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने और उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) प्रदान करने में सहायक होता है (कथन 4 सही है)। इसलिए सही विकल्प (b) है।
Related Questions
→
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच के तात्विक और व्यावहारिक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं के दायरे, उद्देश्य और प्रकृति को सबसे अधिक वैज्ञानिक और सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की तात्विक एवं व्यावहारिक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा कक्ष में 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) के अंतर्गत निरंतर प्रतिपुष्टि (Feedback) और उपचारात्मक रणनीतियों का प्रयोग करता है, तथा 'अधिगम का मूल्यांकन' (Assessment of Learning) के तहत सत्र के अंत में प्रमाणिक निर्णयन और ग्रेडिंग प्रदान करता है, तो इन दोनों अवधारणाओं के वैज्ञानिक और शैक्षणिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के तात्विक स्वरूप का विश्लेषण करते समय, 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) और 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) के मध्य निहित क्रियात्मक एवं दार्शनिक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation - CEE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की अवधारणाओं, उनके उद्देश्यों और उनके तात्विक स्वरूप का गहन शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक विकास का निरंतर मापन करते हुए उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) की योजना बनाता है और साथ ही उनके समग्र प्रदर्शन को एक व्यापक ग्रेड या निर्णयात्मक मूल्य प्रदान करता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस अंतर्संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की मूल संकल्पना का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जहाँ 'सतत' (Continuous) भाग अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतरता और सुधारात्मक पक्षों पर बल देता है, वहीं 'व्यापक' (Comprehensive) भाग विद्यार्थी के विकास के किन प्रमुख आयामों का समावेशन करता है और यह पारंपरिक परीक्षा प्रणाली से किस प्रकार भिन्न है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की समकालीन प्रणालियों में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के परिप्रेक्ष्य में 'मानक-संदर्भित परीक्षण' (Norm-Referenced Testing) और 'निकष-संदर्भित परीक्षण' (Criterion-Referenced Testing) की कार्यप्रणाली तथा उनके तात्विक उद्देश्यों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों परीक्षणों के मध्य के मूलभूत अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.