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जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित अवस्थाओं और उनकी प्रमुख विशेषताओं का मिलान कीजिए:

  1. 1. संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage) - इस अवस्था में बालक अपनी ज्ञानेंद्रियों और मोटर गतिविधियों के माध्यम से दुनिया को समझता है, और 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण विकसित होता है।
  2. 2. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) - इस चरण में बच्चा प्रतीकात्मक विचारों का उपयोग करना शुरू करता है, लेकिन उसमें 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का अभाव होता है, जिसे 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) भी कहते हैं।
  3. 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) - इस अवस्था में बालक तार्किक रूप से सोचने में सक्षम हो जाता है, संरक्षण, वर्गीकरण और उत्क्रमणीयता (Reversibility) के गुण आ जाते हैं, लेकिन अमूर्त चिंतन कठिन होता है।
  4. 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) - इस चरण में किशोर अमूर्त तर्क, परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन (Hypothetico-deductive reasoning) और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में सक्षम होते हैं।

उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की चारों अवस्थाएँ और उनकी विशेषताएँ पूरी तरह से सही सुमेलित हैं। 1. संवेदी-गामक अवस्था (जन्म से 2 वर्ष) में वस्तु स्थायित्व पाया जाता है। 2. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2 से 7 वर्ष) में अहमकेंद्रिता, संरक्षण का अभाव और प्रतीकात्मक चिंतन होता है। 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में वर्गीकरण, संरक्षण और उत्क्रमणीयता विकसित होती है। 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष के बाद) में अमूर्त चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क की क्षमता आती है।
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→ पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है: → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है? → पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है? → पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है? → जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अवस्था में बालक में 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह बिना किसी ठोस या दृश्य सामग्री के केवल प्रतीकों और विचारों के आधार पर समस्याओं का तार्किक समाधान कर सकता है। 2. इस चरण के दौरान 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) का उदय होता है, जिसके माध्यम से बालक किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न संभावनाओं या परिकल्पनाओं का निर्माण करता है और उनकी तार्किक रूप से जाँच करता है। 3. इस अवस्था में 'संरक्षण' (Conservation) और 'श्रेणीबद्धता' (Classification) की पूर्ण समझ विकसित हो जाती है, जो मूल रूप से इससे पहले की 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' की मुख्य विशेषताएँ थीं। 4. इस आयु वर्ग (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) का बालक 'समानुपातिक चिंतन' (Proportional Thinking) और 'संयोजन चिंतन' (Combinational Thinking) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है। उपर्युक्त विशेषताओं में से कौन-सी विशेषताएँ औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था से संबंधित हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार, बच्चे सक्रिय ज्ञान निर्माता तथा नन्हे वैज्ञानिक होते हैं जो दुनिया के बारे में अपने सिद्धांतों की रचना स्वयं करते हैं। 2. 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वे समझ जाते हैं कि किसी वस्तु का आकार बदलने पर उसकी मात्रा या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है। 3. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: 7 से 11 वर्ष) में बच्चे तार्किक रूप से सोचना शुरू कर देते हैं, लेकिन उनका यह चिंतन केवल मूर्त या प्रत्यक्ष वस्तुओं और घटनाओं तक ही सीमित रहता है। 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) में किशोरों में निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) की क्षमता का पूर्ण विकास होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख बौद्धिक क्षमता या विशेषता 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान विकसित होती है, जो लगभग 11 वर्ष की आयु से वयस्कता तक चलती है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे विशिष्ट और उन्नत संज्ञानात्मक विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) का सूक्ष्म अध्ययन करने पर, यह अवस्था पिछली 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' से किस मौलिक और गुणात्मक रूप से भिन्न आयाम को प्रदर्शित करती है?
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