जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख बौद्धिक क्षमता या विशेषता 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान विकसित होती है, जो लगभग 11 वर्ष की आयु से वयस्कता तक चलती है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अंतिम अवस्था 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से आगे) है। इस अवस्था की सबसे मुख्य विशेषता अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमता का विकास है। इस स्तर पर किशोर केवल प्रत्यक्ष या मूर्त समस्याओं तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे वैज्ञानिक रूप से सोचते हैं, संभावनाओं पर विचार कर सकते हैं और जटिल तार्किक समस्याओं का समाधान बिना भौतिक वस्तुओं के सहारे मानसिक रूप से कर सकते हैं। विकल्प 'a' मूर्त संक्रियात्मक अवस्था से संबंधित है, विकल्प 'c' पूर्व-संक्रियात्मक और संवेदी-गामक अवस्था की संधि से जुड़ा है, और विकल्प 'd' पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) की विशेषता है।
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पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
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पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित अवस्थाओं और उनकी प्रमुख विशेषताओं का मिलान कीजिए:
1. संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage) - इस अवस्था में बालक अपनी ज्ञानेंद्रियों और मोटर गतिविधियों के माध्यम से दुनिया को समझता है, और 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण विकसित होता है।
2. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) - इस चरण में बच्चा प्रतीकात्मक विचारों का उपयोग करना शुरू करता है, लेकिन उसमें 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का अभाव होता है, जिसे 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) भी कहते हैं।
3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) - इस अवस्था में बालक तार्किक रूप से सोचने में सक्षम हो जाता है, संरक्षण, वर्गीकरण और उत्क्रमणीयता (Reversibility) के गुण आ जाते हैं, लेकिन अमूर्त चिंतन कठिन होता है।
4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) - इस चरण में किशोर अमूर्त तर्क, परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन (Hypothetico-deductive reasoning) और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में सक्षम होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन-सी मुख्य विशेषताएँ हैं?
1. इस अवस्था में बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) करने में सक्षम हो जाता है और वह केवल प्रत्यक्ष वस्तुओं तक सीमित न रहकर परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) का प्रयोग करने लगता है।
2. इस स्तर पर बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) और 'श्रेणीबद्धता' (Classification) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, किंतु वे अभी भी प्रतीकात्मक खेलों और भाषा के उपयोग में असमर्थ रहते हैं।
3. बालक वैज्ञानिक पद्धति की तरह समस्याओं के समाधान के लिए सभी संभावित चर (Variables) की पहचान कर उनकी व्यवस्थित रूप से जाँच कर सकता है।
4. इस अवस्था को 'अहंकेंद्रित चिंतन' (Egocentric Thought) का काल कहा जाता है, क्योंकि बच्चा यह मानता है कि दुनिया उसके दृष्टिकोण से ही चलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'आकलन, समंजन और साम्याधारण' (Assimilation, Accommodation, and Equilibration) की प्रक्रियाओं का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, जब कोई बालक अपने मौजूदा स्कीमा (Schema) में नई जानकारी को समाहित करने में असफल रहता है क्योंकि वह नई जानकारी पुराने स्कीमा से मेल नहीं खाती, और परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाले संज्ञानात्मक असंतुलन (Cognitive Dissonance) को दूर करने के लिए अपने पुराने स्कीमा में संशोधन करता है या एक नया स्कीमा निर्मित करता है, तो पियाजे के इस वैचारिक ढांचे के अनुसार यह पूरी गत्यात्मक प्रक्रिया मुख्य रूप से किसे दर्शाती है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) के दौरान बच्चों में पाए जाने वाले 'केंद्रीयकरण' (Centration) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के गुणों का सूक्ष्म अध्ययन करने पर, जब बच्चा 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता को और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता को मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में प्राप्त करता है, तो यह संज्ञानात्मक बदलाव निम्नलिखित में से किस मुख्य मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?
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