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Child Development
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत, 'लैंगिक अवस्था' (Phallic Stage) में बालक और बालिकाएं किस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक संघर्ष का सामना करते हैं, और फ्रायड के अनुसार इस अवस्था के दौरान विकसित होने वाली 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) का समाधान मुख्य रूप से किस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से होता है?

Detailed Explanation

सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु वाली 'लैंगिक अवस्था' (Phallic Stage) में बच्चे अपने जननांगों के प्रति जागरूक होते हैं और इस दौरान ओडिपस और इलेक्ट्रा ग्रंथियां उत्पन्न होती हैं। बालिकाओं में 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' के तहत पिता के प्रति आकर्षण और माता के प्रति ईर्ष्या की भावना होती है, जिसका समाधान बालिका अपनी माँ के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करके और उसकी भूमिका को आत्मसात करके करती है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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