Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का समन्वित विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन NCF 2005 के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा RTE Act 2009 की धाराओं के बीच के उस दार्शनिक और विधिक अंतर्संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो बाल-केन्द्रित शिक्षा और समावेशी कक्षा के निर्माण पर बल देता है?
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Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही भारत में बाल-केन्द्रित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मूलाधार हैं। RTE Act 2009 की धारा 29 के तहत यह प्रावधान किया गया है कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा का पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो बच्चे के सर्वांगीण विकास, उसकी रचनात्मकता, भय-मुक्त वातावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल हो। यह NCF 2005 के उन पाँच प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांतों (जैसे ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ना, रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति पाना, और परीक्षा को अधिक लचीला बनाना) का विधिक और संस्थागत विस्तार है। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत, 'समीपस्थ विकास का…
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