राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE 2009) के आलोक में, 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की संकल्पनाओं का गहन शिक्षण-शास्त्रीय विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य तात्विक और प्रक्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दोनों भिन्न लेकिन परस्पर पूरक प्रक्रियाएं हैं। आकलन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके सीखने के दौरान निरंतर प्रतिपुष्टि (Feedback) देना और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सुधार करना है (Assessment for/as Learning), जबकि मूल्यांकन आकलन से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर एक व्यापक निर्णय (Judgment) या मूल्य निर्धारण करने की प्रक्रिया है जिसमें मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों पक्ष शामिल होते हैं। इस विषय के अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अध्याय 2 में…
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) या मंदबुद्धि बालकों की पहचान, उनके संज्ञानात्मक विकास की सीमाओं और उनके शिक्षण के लिए 'अनुकूलित पाठ्यक्रम' (Adapted Curriculum) तथा 'कार्यात्मक विश्लेषण' (Functional Analysis) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उनकी अधिगम प्रक्रिया और कक्षा-कक्षीय प्रबंधन की तात्विक वास्तविकता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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