Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के प्रावधानों का समन्वित और गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बाल-केंद्रित शिक्षा, ज्ञान के सृजन और मूल्यांकन की प्रक्रिया के संबंध में सबसे अधिक प्रामाणिक एवं तात्विक दृष्टि से सही है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही बाल-केंद्रित शिक्षा की वकालत करते हैं। NCF 2005 के पाँच प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांतों में से एक है 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना', जो रटन प्रणाली (Rote Learning) को हतोत्साहित करता है और बच्चों को ज्ञान का सक्रिय निर्माता (Active Constructor of Knowledge) मानता है। इसी प्रकार, RTE Act 2009 की धारा 29(2) के तहत बालकों के सर्वांगीण विकास, उनकी क्षमता और ज्ञान के संवर्धन तथा डर, भय व तनावमुक्त वातावरण में अधिगम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इस वैचारिक और सैद्धांतिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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व्यक्तित्व (Personality) के शील-गुण उपागम (Trait Approach)…
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व्यक्तित्व (Personality) के निर्धारण में जैविक (Biological) एवं पर्यावरणीय (Environmental) कारकों की अंतःक्रिया का गहन अध्ययन करने पर, शेल्डन (William Herbert Sheldon) के शरीर-रचना सिद्धांत (Somatotype Theory) और स्प्रेंगर (Eduard Spranger) के मूल्य-आधारित प्रकार सिद्धांत के बीच का तात्विक अंतर निम्नलिखित में से किस मुख्य आधार पर स्पष्ट होता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों के अंतर्गत, विद्यालयों में मूल्यांकन प्रणालियों और शैक्षणिक सुधारों का गहन अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों नीतिगत दस्तावेजों के अंतर्निहित दार्शनिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण का सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है?
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अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और बी. एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं तात्विक विश्लेषण के संदर्भ में, यदि कोई शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा सही उत्तर देने पर उन्हें मौखिक शाबाशी या स्टार (टोकन) प्रदान करता है, जिससे भविष्य में उन विद्यार्थियों द्वारा सही अनुक्रियाएं देने की आवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हो जाती है, तो स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन के ढांचे के तहत इस विशिष्ट परिस्थिति में उपयोग किए गए उद्दीपक या प्रोत्साहन की वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रकृति निम्नलिखित में से क्या होगी?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों और उनसे संबंधित मनोवैज्ञानिक Fixation (स्थिरीकरण) का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई वयस्क व्यक्ति अत्यधिक जिद्दी, कंजूस, अत्यधिक नियम-निष्ठ, व्यवस्था-प्रिय और परफेक्शनिस्ट (नियमों के प्रति अत्यधिक आग्रही) प्रवृत्ति का प्रदर्शन करता है, तो फ्रायड के सिद्धांत के अनुसार यह व्यक्तित्व लक्षण मनो-लैंगिक विकास के किस विशिष्ट चरण में अनुचित पालन-पोषण (जैसे- अत्यधिक कठोर या अति-उदार टॉयलेट ट्रेनिंग) के कारण उत्पन्न 'फिक्सेशन' का परिणाम माना जाएगा?
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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