थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
Asked 1 month ago · Viewed 12 times
अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के तीन मुख्य नियमों—तत्परता का नियम, अभ्यास का नियम, और प्रभाव का नियम—तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के मध्य तात्विक और सैद्धांतिक तुलना करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल विषय वस्तु को बार-बार अभ्यास करने के बावजूद इसलिए नहीं सीख पा रहा है क्योंकि उसकी शारीरिक व मानसिक परिपक्वता उस स्तर की नहीं है और उसमें संतोषजनक परिणाम (सफलता का आनंद) का अभाव है, तो यह थार्नडाइक के किस मुख्य नियम की प्रत्यक्ष विफलता को इंगित करता है तथा स्किनर के किस प्रत्यय से इसकी सबसे गहरी सैद्धांतिक समानता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थार्नडाइक के अधिगम के मुख्य नियमों में 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) यह स्पष्ट करता है कि जब कोई तंत्रिका मार्ग (Neural Pathway) कार्य करने के लिए तैयार होता है और उसे कार्य करने दिया जाता है, तो व्यक्ति को संतोष होता है; यदि वह तैयार नहीं है और उसे बलपूर्वक सिखाया जाता है, तो उसे झुंझलाहट या असंतोष होता है। प्रश्न में दी गई परिस्थिति में शिक्षार्थी की मानसिक और शारीरिक परिपक्वता यानी 'तत्परता' का अभाव है और परिणाम संतोषजनक नहीं है, जो स्किनर के सिद्धांत में 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement) की कमी के अनुरूप है। इस विषय में अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा…
← पिछला प्रश्न
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों—विशेषकर 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) तथा 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) से इसकी तात्विक भिन्नता को दर्शाने वाला सर्वाधिक सटीक कथन कौन-सा है?
→
अधिगम के सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तात्विक, क्रियात्मक और प्रेरक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के बीच के वास्तविक और वैज्ञानिक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सिद्धांतों की तात्विक और संरचनात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, इन तीनों व्यवहारवादी सिद्धांतों के उद्दीपन (Stimulus), अनुक्रिया (Response) और पुनर्बलन (Reinforcement) के संचालन तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत (Multi-Factor Theory of Intelligence) के प्रतिपादक ई.एल. थार्नडाइक द्वारा प्रस्तुत 'एट्रिब्यूटस' (Attributes) के वर्गीकरण के अंतर्गत, बुद्धि के कौन-से चार प्रमुख आयामों (Dimensions) का उल्लेख किया गया है, जो बुद्धि के स्वरूप, स्तर, क्षेत्र और गति को निर्धारित करते हैं?
→
बुद्धि के 'बहु-कारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory of Intelligence) के प्रतिपादक एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के अनुसार, बुद्धि विभिन्न स्वतंत्र कारकों या तत्वों का समूह है। थार्नडाइक ने बुद्धि के चार प्रमुख atributos या आयामों—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), क्षैतिज विस्तार (Range), और गति (Speed)—का उल्लेख किया है। इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत (Multi-Factor Theory of Intelligence) के प्रतिपादक एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के अनुसार बुद्धि के विभिन्न प्रकारों में से कौन-सा प्रकार 'शब्दों, संख्याओं और प्रतीकों को समझने तथा उनके बीच तार्किक संबंध स्थापित करने की क्षमता' को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.