सृजनशीलता (Creativity)
Asked 1 month ago · Viewed 13 times
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रस्तावक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा बुद्धि के घटकों को तीन स्वतंत्र आयामों—संक्रियाओं (Operations), अंतर्वस्तुओं (Contents), और उत्पादों (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। यदि इस मॉडल के अंतर्गत किसी बौद्धिक कार्य में 'प्रतीकात्मक' (Symbolic) अंतर्वस्तु का उपयोग करते हुए 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Production) की प्रक्रिया द्वारा किसी 'वर्गों' (Classes) के निर्माण का मूल्यांकन किया जाता है, तो गिलफोर्ड के सैद्धांतिक वर्गीकरण के अनुसार यह विशिष्ट बौद्धिक बौद्धिकता त्र-आयामी घन (3D Cube) के किस संयोजन के अंतर्गत आएगी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र आयामों के मट्रिक्स या घन के रूप में व्यवस्थित किया गया है: संक्रियाएँ (5 प्रकार), अंतर्वस्तुएँ (4 या 5 प्रकार), और उत्पाद (6 प्रकार)। प्रश्न में दी गई स्थिति के अनुसार, 'अभिसारी उत्पादन' संक्रिया के अंतर्गत आता है, 'प्रतीकात्मक' इसकी अंतर्वस्तु है, और 'वर्ग' (Classes) इसके छह उत्पादों में से एक है। इस प्रकार, यह संयोजन गिलफोर्ड के मॉडल की सैद्धांतिक संरचना को सटीक रूप से परिभाषित करता है। मनोविज्ञान के इस महत्वपूर्ण सिद्धांत को अधिक गहराई से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी.…
← पिछला प्रश्न
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect…
Related Questions
→
किस मूल्यांकन में पाठ्यचर्या के अंतिम प्रभावों का मूल्यांकन उसके घोषित उद्देश्यों के आधार पर किया जाता है?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'स्टैनफोर्ड-बिने स्केल' (Stanford-Binet Scale) किस आयु वर्ग के लिए मुख्य रूप से बनाया गया था?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की प्रणालियों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के तात्विक, दायरे (Scope) और उपयोगिता के मध्य के अंतर को सर्वाधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'WISC' का पूर्ण रूप क्या है?
→
पाउल टोरेन्स (E. Paul Torrance) के 'सृजनात्मकता के सिद्धांत' (Theory of Creativity) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सृजनात्मक चिंतन के आयाम: लचीलापन और मौलिकता' (Dimensions of Creative Thinking: Flexibility and Originality)**—जिसे उन दो विशिष्ट संज्ञानात्मक क्षमताओं के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनके अंतर्गत 'लचीलापन' (Flexibility) किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न श्रेणियों या दृष्टिकोणों से सोचने की क्षमता को दर्शाता है, जबकि 'मौलिकता' (Originality) विचारों की अनूठापन, दुर्लभता और लीक से हटकर कुछ नवीन उत्पन्न करने की शक्ति को इंगित करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के Divergent Thinking (अपसारी चिंतन), समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रिचर्ड आर्थर और जे. पी. गिल Guilford (J. P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SI Model) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अभिसारी चिंतन बनाम अपसारी चिंतन' (Convergent Thinking vs. Divergent Thinking)**—जिसे उन दो भिन्न बौद्धिक प्रक्रियाओं के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अभिसारी चिंतन के अंतर्गत किसी दी गई समस्या के समाधान के लिए उपलब्ध तथ्यों और तर्कों को संकुचित करके एकमात्र सही या पारंपरिक निष्कर्ष तक पहुँचा जाता है, जबकि अपसारी चिंतन के अंतर्गत एक ही खुली समस्या के संदर्भ में अनगिनत, मौलिक, और विभिन्न दिशाओं में नए विचारों या विकल्पों का सृजन किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, बौद्धिक बहुलता और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित घन मॉडल (Cube Model) में मानसिक योग्यताओं के वर्गीकरण के मूल आयामों—संक्रियाएँ (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पाद (Products)—का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह निष्कर्ष निकालता है कि इस सिद्धांत के प्रारंभिक संस्करण में संक्रियाओं के 5, विषय-वस्तुओं के 4 और उत्पादों के 6 श्रेणियों के गुणनफल से कुल 120 स्वतंत्र बौद्धिक कारकों का निर्माण होता है (जिन्हें बाद के संशोधनों में बढ़ाकर 150 और फिर 180 किया गया), तथा इसमें अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking) और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) दोनों को संक्रिया आयाम के अंतर्गत अलग-अलग स्थान दिया गया है, तो गिलफोर्ड के इस बुद्धि प्रतिमान के तात्विक और संरचनात्मक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.