सृजनशीलता (Creativity)
Asked 2 months ago · Viewed 24 times
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित घन मॉडल (Cube Model) में मानसिक योग्यताओं के वर्गीकरण के मूल आयामों—संक्रियाएँ (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पाद (Products)—का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह निष्कर्ष निकालता है कि इस सिद्धांत के प्रारंभिक संस्करण में संक्रियाओं के 5, विषय-वस्तुओं के 4 और उत्पादों के 6 श्रेणियों के गुणनफल से कुल 120 स्वतंत्र बौद्धिक कारकों का निर्माण होता है (जिन्हें बाद के संशोधनों में बढ़ाकर 150 और फिर 180 किया गया), तथा इसमें अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking) और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) दोनों को संक्रिया आयाम के अंतर्गत अलग-अलग स्थान दिया गया है, तो गिलफोर्ड के इस बुद्धि प्रतिमान के तात्विक और संरचनात्मक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) मानसिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र आयामों—संक्रियाएँ (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पाद (Products)—में वर्गीकृत करता है। 'उत्पाद' आयाम के अंतर्गत वे रूप या परिणाम आते हैं जब कोई व्यक्ति किसी विषय-वस्तु पर अपनी मानसिक संक्रियाओं को लागू करता है, जिसमें इकाइयाँ (Units), वर्ग (Classes), संबंध (Relations), प्रणालियाँ (Systems), रूपांतरण (Transformations), और निहितार्थ (Implications) शामिल होते हैं। यह मॉडल सृजनात्मकता (Creativity) और अपसारी चिंतन के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
रिचर्ड आर्थर और जे. पी. गिल Guilford (J. P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना…
← पिछला प्रश्न
पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक…
Related Questions
→
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने बुद्धि को तीन स्वतंत्र आयामों—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और परिणामों (Products)—के आधार पर वर्गीकृत किया है। यदि इस त्रि-विमीय मॉडल के अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए अपनी स्मृति, संज्ञान और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) का उपयोग करते हुए किसी निश्चित विषय-वस्तु (जैसे प्रतीकात्मक या व्यवहारपरक) से एक नया, मौलिक और बहुआयामी परिणाम उत्पन्न करता है, तो गिलफोर्ड के इस सैद्धांतिक वर्गीकरण के अनुसार निर्मित होने वाले कुल कारकों (Factors) की प्रारंभिक एवं संशोधित कुल संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रस्तावक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा बुद्धि के घटकों को तीन स्वतंत्र आयामों—संक्रियाओं (Operations), अंतर्वस्तुओं (Contents), और उत्पादों (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। यदि इस मॉडल के अंतर्गत किसी बौद्धिक कार्य में 'प्रतीकात्मक' (Symbolic) अंतर्वस्तु का उपयोग करते हुए 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Production) की प्रक्रिया द्वारा किसी 'वर्गों' (Classes) के निर्माण का मूल्यांकन किया जाता है, तो गिलफोर्ड के सैद्धांतिक वर्गीकरण के अनुसार यह विशिष्ट बौद्धिक बौद्धिकता त्र-आयामी घन (3D Cube) के किस संयोजन के अंतर्गत आएगी?
→
एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'सृजनात्मक चिंतन' (Lateral Thinking / Six Thinking Hats) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक उपकरण—**'नीला टोप (Blue Hat)'**—जिसे उस नियंत्रण और प्रबंधन की मानसिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति या समूह अपने संपूर्ण चिंतन प्रक्रम (Thinking Process) का संगठन, रूपरेखा तैयार करना, निष्कर्ष निकालना और अधिगम सत्र के नियंत्रण तथा मूल्यांकन का कार्य करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के metacognitive नियंत्रण, संगठनात्मक कौशल और विचार-मंथन (Brainstorming) सत्रों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च अधिगम प्रकार—यानी **'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning - प्रकार 8)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (नियम अधिगम) का उपयोग करते हुए एक नई, जटिल और अभूतपूर्व स्थिति में आंतरिक वैचारिक नियमों का सृजन या संयोजन करके किसी अनसुलझी समस्या का तार्किक, सृजनात्मक और मौलिक समाधान खोजता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, तार्किक अंतर्दृष्टि और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
कक्षा में 'सृजनात्मकता' (Creativity) को बढ़ावा देने के लिए कौन सा चिंतन आवश्यक है?
→
शिक्षण में 'ब्रेनस्टॉर्मिंग' (Brainstorming) तकनीक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.