Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 23 times
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) की धारा 29 के अंतर्गत संस्तुत 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक और क्रियात्मक भेदों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं के बीच के अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दोनों भिन्न लेकिन परस्पर पूरक अवधारणाएँ हैं। आकलन एक सतत प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की कमियों को पहचानना (नैदानिक) और उनके अधिगम में सुधार के लिए रचनात्मक प्रतिपुष्टि (Formative Feedback) देना है। इसके विपरीत, मूल्यांकन (मूल्य का अंकन) एक व्यापक प्रक्रिया है जिसमें एकत्रित साक्ष्यों और आँकड़ों के आधार पर किसी छात्र की संपूर्ण शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक प्रगति का निर्णयात्मक मूल्य निर्धारण, श्रेणीकरण (Grading) या प्रमाणन किया जाता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
शिक्षण विधियों और कक्षागत समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान के लिए उपयोग किए जाने…
← पिछला प्रश्न
शैक्षणिक अनुसंधान (Educational Research) के अंतर्गत…
Related Questions
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संयुक्त परिप्रेक्ष्य और उनके मूल तात्विक दर्शन का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान इन दोनों दस्तावेजों में बच्चों के 'ज्ञान के निर्माण' (Construction of Knowledge) और 'भयमुक्त वातावरण' के संदर्भ में सर्वाधिक वैज्ञानिक और वैचारिक समानता को दर्शाता है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'सुप्त अवस्था' (Latency Stage) की प्रमुख मनोवैज्ञानिक और गतिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के दौरान बच्चे के विकास में निम्नलिखित में से कौन-सी मुख्य घटना घटित होती है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्ट मनोविज्ञान' (Gestalt Psychology) के मूल दर्शन तथा अधिगम के क्षेत्र में इसके अनुप्रयोग का गहन विश्लेषण करने पर, थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत से यह किस मौलिक बिंदु पर भिन्न है और इसका शैक्षणिक निहितार्थ क्या है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका' (Role of Language in Cognitive Development) का गहन विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की द्वारा वर्णित भाषा के तीन रूपों—सामाजिक वाक् (Social Speech), निजी वाक् (Private Speech), और आंतरिक वाक् (Inner Speech)—के विकास क्रम और उनके मनोवैज्ञानिक कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.