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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की प्रादेशिक अधिकारिता, अंतर-राज्यीय क्षेत्राधिकार तथा अधीनस्थ न्यायपालिका से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 230 के अनुसार संसद विधि द्वारा किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता का विस्तार किसी संघ राज्य क्षेत्र (Union Territory) तक कर सकती है या किसी संघ राज्य क्षेत्र को किसी उच्च न्यायालय की प्रादेशिक अधिकारिता से बाहर कर सकती है।
  2. 2. संविधान के अनुच्छेद 231 के अंतर्गत संसद विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए या दो या अधिक राज्यों और किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही साझा उच्च न्यायालय (Common High Court) स्थापित कर सकती है।
  3. 3. संविधान के अनुच्छेद 236 के तहत 'जिला न्यायाधीश' (District Judge) के पद के अंतर्गत नगर सिविल न्यायालय का न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश, संयुक्त जिला न्यायाधीश, सहायक जिला न्यायाधीश, मुख्य लघु वाद न्यायालय का न्यायाधीश, सत्र न्यायाधीश और मुख्य न्यायिक magistrate (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) शामिल होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 230 के अनुसार संसद विधि द्वारा किसी राज्य के उच्च न्यायालय की अधिकारिता का विस्तार किसी संघ राज्य क्षेत्र पर कर सकती है या वहां से उसे अपवर्जित कर सकती है। कथन 2 सही है: अनुच्छेद 231 संसद को यह शक्ति देता है कि वह दो या अधिक राज्यों के लिए अथवा दो या अधिक राज्यों और किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही साझा उच्च न्यायालय स्थापित कर सके। कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 236 (निर्वचन) के अंतर्गत 'जिला न्यायाधीश' के पद में मुख्य न्यायाधीश, जिला न्यायाधीश, संयुक्त जिला न्यायाधीश, सहायक जिला न्यायाधीश, लघु वाद न्यायालय का न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश और सत्र न्यायाधीश आदि शामिल हैं, किंतु 'मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट' (Chief Judicial Magistrate) को इस परिभाषा में शामिल नहीं किया गया है। अधीनस्थ न्यायपालिका के विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
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