त्वरित लिंक्स
Child Development
6 views
विशेष आवश्यकता वाले बालकों के संदर्भ में, जब हम न्यूरोलॉजिकल और विकासात्मक विकारों जैसे 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसफेसिया' (Dysphasia) और 'डिसऑर्थोग्राफिया' (Dysorthography) के तात्विक और कार्यात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करते हैं, तो इनमें से कौन-सा विकल्प इन विकारों के सटीक नैदानिक लक्षणों को सबसे प्रामाणिक रूप से दर्शाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम अक्षमताएँ (Learning Disabilities) तंत्रिका तंत्र से जुड़े ऐसे विकार हैं जो सूचनाओं को ग्रहण करने, संसाधित करने या व्यक्त करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) मोटर कोऑर्डिनेशन से जुड़ा विकार है जो शारीरिक गतियों और सूक्ष्म गत्यात्मक कौशलों को प्रभावित करता है, वहीं 'डिसफेसिया' (Dysphasia) या अफ़ेसिया (Aphasia) मस्तिष्क क्षति के कारण उत्पन्न होने वाला भाषा और संप्रेषण विकार है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का मुख्य लाभ क्या है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के अंतिम चरण (लगभग 18 से 24 महीने की आयु) में 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) की पूर्ण प्राप्ति के साथ-साथ बालकों में किस अन्य महत्वपूर्ण मानसिक योग्यता का विकास होता है, जिसके माध्यम से वे किसी वस्तु या घटना की अनुपस्थिति में भी उसके मानसिक प्रतीकों या आंतरिक छवियों का उपयोग करके समस्याओं का समाधान खोजना शुरू कर देते हैं?
→
शिक्षण में 'परियोजना विधि' (Project Method) किस विचार पर आधारित है?
→
अधिगम के पठार (Plateaus in Learning) के उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों, उसके निवारण के उपायों तथा एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम स्थानांतरण के समतुल्य अवयव सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के तात्विक एवं अंतर्संबंधात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा उनके बीच के अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक और तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं के परिप्रेक्ष्य में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.