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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के अंतिम चरण (लगभग 18 से 24 महीने की आयु) में 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) की पूर्ण प्राप्ति के साथ-साथ बालकों में किस अन्य महत्वपूर्ण मानसिक योग्यता का विकास होता है, जिसके माध्यम से वे किसी वस्तु या घटना की अनुपस्थिति में भी उसके मानसिक प्रतीकों या आंतरिक छवियों का उपयोग करके समस्याओं का समाधान खोजना शुरू कर देते हैं?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संवेदी-गामक अवस्था' (जन्म से 2 वर्ष) का अंतिम चरण वह समय होता है जब बालक 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) की पूरी समझ विकसित कर लेता है और साथ ही 'मानसिक प्रतिनिधित्व' (Mental Representation) या प्रतीकात्मक विचार की क्षमता अर्जित करता है। इसके तहत बच्चा बाहरी वस्तुओं और घटनाओं के आंतरिक मानसिक प्रतीक बनाना शुरू कर देता है, जिससे प्रत्यक्ष अनुभव के बिना भी वह मानसिक रूप से समस्याओं के समाधान की कल्पना कर सकता है। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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जीन पियाजे के अनुसार, किस अवस्था में बालक 'अहंकेन्द्रित' (Egocentric) व्यवहार प्रदर्शित करता है? कक्षा में 'प्रजातांत्रिक वातावरण' (Democratic Environment) का क्या महत्व है? गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कुर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के संदर्भ में, चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोग और इस सिद्धांत के मूल दार्शनिक आधार का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम प्रक्रिया की सबसे वैज्ञानिक और तात्विक विशेषता को स्पष्ट करता है? एकखण्ड (Uni-factor) बुद्धि का सिद्धांत किसने दिया? शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) के अंतर्गत 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) तथा 'आकलन और मूल्यांकन' (Assessment vs Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय केवल सत्र के अंत में योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) आयोजित करने के स्थान पर सत्र के दौरान नियमित रूप से रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) को अपनाता है और शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक, भावात्मक तथा मनोगतत्मक सभी पक्षों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विकास का निरंतर अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक शैक्षिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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