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Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की वैधानिक धाराओं का गहन विश्लेषण करने पर, विद्यालयी शिक्षा में 'पाठ्यक्रम के भार' (Curricular Burden), 'रटकर सीखने की प्रवृत्ति' (Rote Learning) और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और शैक्षणिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही बाल-केन्द्रित शिक्षा प्रणाली के प्रबल समर्थक हैं। NCF 2005 के अनुसार शिक्षा को रटकर सीखने की प्रणाली से मुक्त किया जाना चाहिए तथा ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ा जाना चाहिए। वहीं, RTE Act 2009 की धारा 29 (1) के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है कि पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो बच्चे के सर्वांगीण विकास, उसकी क्षमताओं के विकास और भय, आघात तथा चिंता से मुक्त वातावरण में सीखने को बढ़ावा दे सके। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शिक्षा में गुणात्मक सुधार और सतत मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक हैं।
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गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दीहाइमर, कुर्त कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर—द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के तात्विक, संज्ञानात्मक और प्रायोगिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोहलर द्वारा सुल्तान (चंपैंजी) पर किए गए प्रयोग के दौरान समस्या-समाधान की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाए, तो इस अधिगम सिद्धांत की मूल मान्यताओं और थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' (Trial and Error Theory) के बहु-प्रयत्न और आंशिक क्रिया के नियमों के तार्किक संदर्भ में, पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के बीच उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) और अनुक्रिया-उद्दीपक (R-S) के स्वरूप का कौन-सा विश्लेषणात्मक अंतर इन तीनों सिद्धांतों की अधिगम प्रक्रिया को सबसे स्पष्ट रूप से पृथक करता है? लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि एक शिक्षक किसी जटिल समस्या को हल करते समय शिक्षार्थी को शुरुआत में अत्यधिक सहायता प्रदान करता है और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की दक्षता बढ़ती जाती है, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम करता जाता है, तो वाइगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार इस संपूर्ण शैक्षणिक प्रक्रिया और 'मचान' की वास्तविक प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और तार्किक है? प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन और बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र (Child-Centric Pedagogy) के परिप्रेक्ष्य में, जॉन डीवी की 'रिफ्लेक्टिव थिंकिंग' (Reflective Thinking) और कार्ल रोजर्स की 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) की अवधारणाओं का तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा को 'सहयोगात्मक समस्या-समाधान' और 'अनुसंधान आधारित अधिगम' का केंद्र बनाता है जहाँ बच्चे स्वयं अपने ज्ञान का निर्माण करते हैं, तो इस शैक्षणिक मॉडल की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? अन्तर्दृष्टि/सूझ सिद्धांत (1912) के प्रतिपादक कौन हैं?
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