गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
Asked 2 months ago · Viewed 26 times
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिहाइमर, कुर्त कोफ्का और विशेष रूप से वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रसिद्ध प्रयोगों के आधार पर प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के अधिगम सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के तात्विक और संज्ञानात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान अचानक से मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) और संपूर्ण परिस्थिति के तात्कालिक प्रत्यक्षीकरण के माध्यम से बिना किसी यांत्रिक प्रयास या त्रुटि के सही मार्ग ढूंढ लेता है, तो अधिगम के इस गेस्टाल्टवादी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादियों का मानना था कि सीखना या अधिगम केवल यांत्रिक रूप से 'प्रयास और त्रुटि' द्वारा नहीं होता, बल्कि व्यक्ति संपूर्ण परिस्थिति को एक इकाई के रूप में देखता है और अचानक से मानसिक पुनर्गठन द्वारा 'सूझ' (Insight) प्राप्त करता है। वोल्फगांग कोहलर ने चिंपैंजी पर प्रयोग करके यह सिद्ध किया कि उच्च स्तर का अधिगम अचानक और बौद्धिक होता है। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिहाइमर, कुर्त कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर…
← पिछला प्रश्न
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का…
Related Questions
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दिहाइमर, कुर्त कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के तात्विक, प्रायोगिक और संज्ञानात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, कोहलर द्वारा चिम्पाजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और इस अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिम्पाजी 'सुल्तान' पर किए गए संज्ञानवादी प्रयोगों तथा 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के तात्विक और विकासात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल गणितीय या तार्किक समस्या के समाधान के दौरान लंबे समय तक प्रयास-त्रुटि करने के बजाय अचानक से संपूर्ण परिस्थिति के अंतर्संबंधों को समझकर मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Reorganization) के माध्यम से एक ही झटके में सही निष्कर्ष पर पहुँच जाता है, तो अधिगम की इस तात्विक प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'समग्र क्षेत्र के पुनर्गठन' (Restructuring of the Perceptual Field) तथांत्रिक और संज्ञानात्मक आयामों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान क्रमिक यांत्रिक प्रयासों (Trial and Error) पर निर्भर रहने के बजाय अचानक से संपूर्ण परिस्थिति के आंतरिक संबंधों और अंतर्निहित पैटर्न को एक ही क्षण में मानसिक रूप से स्पष्ट कर लेता है (जिसे 'आहा! अनुभव' या Aha! Experience कहा जाता है), तो अधिगम की इस अंतर्दृष्टि प्रक्रिया के तात्विक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'परिसर का संज्ञानात्मक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring of the Perceptual Field) और 'अकस्मात् समाधान' (Aha! Experience) की अवधारणा का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या से जूझते हुए अचानक से सभी छितरी हुई परिस्थितियों और साधनों के आंतरिक संबंधों को एक समग्र दृष्टि में पिरोकर बिना किसी बाहरी यांत्रिक क्रमिक प्रयास के सीधे सही हल तक पहुँच जाता है, तो इस अधिगम प्रक्रिया के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की चक्रीय प्रक्रिया (Cyclic Process) के संदर्भ में, स्टीफन कोरी (Stephen Corey) या कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के मॉडल के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा चरण-क्रम सबसे सटीक और तार्किक रूप से सही है?
→
अधिगम के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के प्रतिपादक कौन थे?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.