Child Development
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) की तात्विक और सैद्धांतिक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, जहाँ 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) को अक्सर एक ही अर्थ में प्रयुक्त किया जाता है, इन दोनों संकल्पनाओं के बीच के मूलभूत अंतर, उनके उद्देश्यों और उनके शैक्षणिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दो भिन्न किंतु परस्पर पूरक अवधारणाएँ हैं। आकलन एक सतत प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की अधिगम प्रक्रिया के दौरान उनकी कमियों का पता लगाना और उनमें सुधार के लिए पृष्ठपोषण (Feedback) प्रदान करना है। इसके विपरीत, मूल्यांकन एक व्यापक अवधारणा है जो आकलन से प्राप्त आंकड़ों और साक्ष्यों के आधार पर मूल्य निर्धारण (Value judgment), निर्णय लेने और प्रमाणन (Certification) की प्रक्रिया को पूरा करती है। मूल्यांकन के अंतर्गत योगात्मक और रचनात्मक दोनों रूप शामिल हो सकते हैं। इस विषय की विस्तृत और सैद्धांतिक समझ के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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व्यक्तित्व (Personality) के निर्धारण में जैविक (Biological) तथा…
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विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities)…
Related Questions
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बुद्धि (Intelligence) के संप्रदाय और उसके ऐतिहासिक मापन के संदर्भ में, अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) द्वारा 1905 में विकसित पहले औपचारिक बुद्धि परीक्षण, विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा 1912 में प्रतिपादित 'बुद्धि लब्धि' (IQ) की संकल्पना, तथा लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा 1916 में स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण में किए गए संशोधन का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी 8 वर्ष और 6 महीने (102 महीने) की कालानुक्रमिक आयु (Chronological Age) वाले बालक की मानसिक आयु (Mental Age) स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण के अनुसार 10 वर्ष और 2 महीने (122 महीने) आंकी जाती है, तो टरमन के संशोधित सूत्र के अनुसार उसकी सटीक बुद्धि लब्धि (IQ) क्या होगी और इस मान का मनोवैज्ञानिक वर्गीकरण किस श्रेणी के अंतर्गत आएगा?
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क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के संदर्भ में, स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) और कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के दृष्टिकोणों का गहन विश्लेषण करने पर, कक्षा-कक्षीय शिक्षण विधियों के सुधार की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अनुसंधान की चक्रीय प्रकृति (Cyclical Nature) और व्यावहारिक उद्देश्यों को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के दार्शनिक, कानूनी तथा pedagogical (शैक्षणिक) प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय अपने यहां प्रवेश के समय साक्षात्कार प्रणाली, डोनेशन या कैपिटेशन फीस लागू करता है तथा पाठ्यचर्या को केवल सैद्धांतिक और परीक्षा-केंद्रित बनाए रखता है, तो इन दोनों दस्तावेजों के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस प्रवृत्ति की असंवैधानिक और अव्यावहारिक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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मानव विकास के संदर्भ में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की सापेक्षिक महत्ता तथा उनकी जटिल अंतर्क्रिया (Complex Interaction) का गहन विश्लेषण करने पर, वुडवर्थ (Woodworth) के प्रसिद्ध समीकरण 'विकास = (वंशानुक्रम × वातावरण)' और जेनेटिक तथा वातावरणीय आकलनों से जुड़े 'हर्िटेबिलिटी' (Heritability) के वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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