Child Development
Asked 2 months ago · Viewed 22 times
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित शिक्षा के दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, जॉन डेवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली की वास्तविक लोकतांत्रिक एवं वैज्ञानिक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित शिक्षा का मुख्य दर्शन यह है कि शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं, बल्कि स्वयं जीवन है। अमेरिकी दार्शनिक और शिक्षाविद् जॉन डेवी ने यह प्रतिपादित किया कि विद्यालय एक 'लघु समाज' (Miniature Society) के रूप में कार्य करना चाहिए, जहाँ बच्चे वास्तविक अनुभवों, सामाजिक अन्वेषण और करके सीखने (Learning by Doing) के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों और समस्या-समाधान कौशल को आत्मसात करते हैं। यह प्रणाली रटन विद्या का विरोध करती है और ज्ञान के सक्रिय निर्माण पर जोर देती है।
अगला प्रश्न →
मानव विकास की प्रक्रिया में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की…
← पिछला प्रश्न
अधिगम (Learning) के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के अंतर्गत…
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) में भाषा और विचार (Language and Thought) के विकास के अंतर्संबंधों तथा सांस्कृतिक उपकरणों (Cultural Tools) की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की के अनुसार बच्चों में 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के उदय होने से ठीक पहले बाह्य भाषण (Social Speech) से आंतरिकता की ओर अग्रसर होने वाली वह मध्यवर्ती संक्रांति अवस्था कौन-सी होती है, जिसमें बालक उच्च स्वर में स्वयं से बातें करते हुए अपने संज्ञानात्मक कार्यों और व्यवहार को निर्देशित तथा विनियमित करता है?
→
बुद्धि (Intelligence) के बहुआयामी दृष्टिकोण के अंतर्गत हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory) की तात्विक एवं संज्ञानात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, गार्डनर की 'प्राकृतिक बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और स्टर्नबर्ग की 'संदर्भगत या व्यावहारिक बुद्धि' (Contextual Intelligence) के बीच निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे महत्वपूर्ण वैचारिक और प्रकार्यात्मक अंतर इन दोनों सिद्धांतों की मूल प्रकृति को स्पष्ट करता है?
→
बुद्धि (Intelligence) के ऐतिहासिक और मनोवैज्ञानिक विकास के क्रम में अल्फ्रेड बिने द्वारा प्रारंभ किए गए बुद्धि परीक्षणों से लेकर आधुनिक बुद्धि लब्धि (IQ) की अवधारणा तक, विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा 1912 में प्रतिपादित 'मानसिक आयु' (Mental Age) और 'वास्तविक या कालानुक्रमिक आयु' (Chronological Age) के अनुपात पर आधारित सूत्र तथा बाद में लुई टर्मन (Lewis Terman) द्वारा 1916 में स्टैनफोर्ड-बिने स्केल में इसे 100 से गुणा करके आधुनिक 'बुद्धि लब्धि' (Intelligence Quotient - IQ) के रूप में विकसित करने की तात्विक एवं गणितीय संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी 10 वर्ष की कालानुक्रमिक आयु वाले बालक की मानसिक आयु परीक्षण के माध्यम से 12.5 वर्ष आंकी जाती है, तो टर्मन द्वारा संशोधित आधुनिक सूत्र के अनुसार उस बालक का वास्तविक IQ मान क्या होगा और यह मान सांख्यिकीय विचलन के आधार पर किस बौद्धिक श्रेणी के अंतर्गत आएगा?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक अभिकल्प (Universal Design for Learning - UDL) के तात्विक और शैक्षणिक सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों (CWSN)—जैसे श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित, और हल्की बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों—की समेकित अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहु-संवेदी उपागम (Multi-sensory Approach), लचीली पाठ्यचर्या और विविध मूल्यांकन विधियों का उपयोग करता है, तो यूडीएल (UDL) के इन तीनों मुख्य सिद्धांतों—(1) जुड़ाव के कई साधन (Multiple Means of Engagement), (2) प्रतिनिधित्व के कई साधन (Multiple Means of Representation), और (3) अभिव्यक्ति के कई साधन (Multiple Means of Expression)—के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस कक्षा-कक्षीय रणनीति की वास्तविक वैज्ञानिक एवं दार्शनिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.