Child Development
Asked 2 months ago · Viewed 20 times
बुद्धि (Intelligence) के ऐतिहासिक और मनोवैज्ञानिक विकास के क्रम में अल्फ्रेड बिने द्वारा प्रारंभ किए गए बुद्धि परीक्षणों से लेकर आधुनिक बुद्धि लब्धि (IQ) की अवधारणा तक, विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा 1912 में प्रतिपादित 'मानसिक आयु' (Mental Age) और 'वास्तविक या कालानुक्रमिक आयु' (Chronological Age) के अनुपात पर आधारित सूत्र तथा बाद में लुई टर्मन (Lewis Terman) द्वारा 1916 में स्टैनफोर्ड-बिने स्केल में इसे 100 से गुणा करके आधुनिक 'बुद्धि लब्धि' (Intelligence Quotient - IQ) के रूप में विकसित करने की तात्विक एवं गणितीय संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी 10 वर्ष की कालानुक्रमिक आयु वाले बालक की मानसिक आयु परीक्षण के माध्यम से 12.5 वर्ष आंकी जाती है, तो टर्मन द्वारा संशोधित आधुनिक सूत्र के अनुसार उस बालक का वास्तविक IQ मान क्या होगा और यह मान सांख्यिकीय विचलन के आधार पर किस बौद्धिक श्रेणी के अंतर्गत आएगा?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बुद्धि लब्धि (IQ) के इतिहास में, विलियम स्टर्न ने सबसे पहले 1912 में मानसिक आयु (MA) और कालानुक्रमिक आयु (CA) के अनुपात (MA/CA) के रूप में बुद्धि लब्धि का विचार दिया था। इसके पश्चात, लुई टर्मन ने 1916 में स्टैनफोर्ड-बिने बुद्धि मापनी के मानकीकरण के दौरान दशमलव हटाने और स्पष्टता के लिए इसे 100 से गुणा कर दिया, जिससे आधुनिक सूत्र बना: IQ = (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) × 100। इस प्रश्न में बालक की वास्तविक आयु (CA) = 10 वर्ष और मानसिक आयु (MA) = 12.5 वर्ष दी गई है। सूत्र में मान रखने पर: IQ = (12.5 / 10) × 100 = 1.25 × 100 = 125। वेक्स्लर और टर्मन के वर्गीकरण के अनुसार 120-139 के बीच का IQ स्कोर 'अति superiores' या 'प्रखर/मेधावी बुद्धि' (Superior Intelligence) की श्रेणी में आता है। बुद्धि के मापन और सैद्धांतिक विकास के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम (Learning) के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक…
Related Questions
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित शिक्षा के दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, जॉन डेवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली की वास्तविक लोकतांत्रिक एवं वैज्ञानिक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
मानव विकास की प्रक्रिया में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की सापेक्षिक भूमिका और उनकी जटिल अंतर्क्रिया का गहन विश्लेषण करने पर, ऐनास्टासी (Anne Anastasi) द्वारा दिए गए इस प्रसिद्ध कथन कि 'विकास में वंशानुक्रम और वातावरण की भूमिका उसी प्रकार है जैसे क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए आयत की लंबाई और चौड़ाई की', के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा वैज्ञानिक निष्कर्ष इस अंतर्क्रिया के वास्तविक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) की विभिन्न गतियों और 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) की तात्विक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी शिक्षार्थी के सीखने के ग्राफ में प्रारंभिक चरण में प्रगति तीव्र होने के पश्चात अचानक कुछ समय के लिए अधिगम की मात्रा में कोई वृद्धि नहीं होती है और ग्राफ पूरी तरह क्षैतिज (Horizontal) हो जाता है, जिसे पठार कहा जाता है, तो इस स्थिति के उत्पन्न होने के पीछे 'मानसिक थकान', 'प्रेरणा की कमी' या 'पुरानी आदतों का नई आदतों के साथ अंतर्द्वंद्व' जैसे कारणों के अलावा निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे प्रमुख मनोवैज्ञानिक कारण इस पठार के निर्माण और इसके उपरांत पुन: प्रगति होने की प्रक्रिया को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
मानव अभिप्रेरणा के मनोवैज्ञानिक स्वरूप और अब्राहम मैस्लो के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) की गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति अपनी बुनियादी शारीरिक (Physiological) और सुरक्षा (Safety) आवश्यकताओं को संतुष्टि के साथ पूरा करने के पश्चात अपने सामाजिक संबंधों (Belongingness and Love) और आत्म-सम्मान (Esteem) की मंजिलों को पार करते हुए अंततः अपनी सर्वोच्च आंतरिक क्षमता (Full Potential) के वास्तविककिकरण यानी 'आत्म-यथार्थशीलीकरण' (Self-Actualization) की अवस्था की ओर अग्रसर होता है, तो मैस्लो के इस अनुक्रम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक कथन इस सिद्धांत की वास्तविक प्रकृति को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.