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History of India
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मुगल काल में "सराफ" (Saraf) किन्हें कहा जाता था जो मुद्रा के विनिमय और बैंकिंग का कार्य करते थे?

Detailed Explanation

सराफ का कार्य मुद्रा विनिमय और बैंकिंग सेवा देना था।
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भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश का विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 3 जून 1947 को प्रस्तुत माउंटबेटन योजना में भारत के विभाजन के साथ-साथ बंगाल और पंजाब की विधानसभाओं को अपनी-अपनी प्रांतीय विधानसभाओं के हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों की अलग-अलग बैठकें आयोजित कर यह तय करने का अधिकार दिया गया था कि वे विभाजन चाहते हैं या नहीं। 2. ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' के प्रावधानों के तहत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र प्रभुसत्ता संपन्न डोमिनियन—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित कर दिया गया तथा दोनों देशों के लिए एक साझा गवर्नर-जनरल के रूप में लॉर्ड माउंटबेटन को ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया था। 3. उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ शामिल होना है, इसका निर्णय लेने के लिए बिना किसी जनमत संग्रह (Referendum) के सीधे स्थानीय ब्रिटिश कमिश्नर के विवेक पर छोड़ दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? मुगल न्याय व्यवस्था में "काजी-उल-कुजात" के बाद न्याय का अंतिम स्रोत कौन होता था? ग़दर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना द्वारा 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसके मुखपत्र 'ग़दर' साप्ताहिक अखबार के पहले अंक का प्रकाशन उर्दू भाषा में किया गया था। 2. प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ होने पर ग़दर पार्टी के नेताओं ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह (ग़दर क्रांति) का आह्वान किया और देश लौटने वाले प्रवासियों के लिए 'कमागाटा मारू' जहाज की घटना एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक साबित हुई थी। 3. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) का गठन किया गया, जिसमें भगवती चरण बोहरा द्वारा रचित घोषणा पत्र 'द फिलॉसफी ऑफ द बॉम्ब' को संगठन का वैचारिक आधार बनाया गया था। 4. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त द्वारा 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधानसभा में फेंके गए बम का मुख्य उद्देश्य किसी की हत्या करना नहीं था, बल्कि बहरों को सुनाना तथा 'ट्रेड डिस्प्यूट बिल' और 'पब्लिक सेफ्टी बिल' जैसे दमनकारी कानूनों का विरोध करना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों — स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी — के आर्थिक प्रभावों और उनकी प्रशासनिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्थाई बंदोबस्त (Permanent Settlement) के अंतर्गत भू-राजस्व की दर को स्थायी रूप से निश्चित कर दिया गया था, जिससे ब्रिटिश सरकार को तो वित्तीय स्थिरता प्राप्त हुई, किंतु जमींदारों द्वारा अत्यधिक उत्पीड़न और 'सूर्यास्त कानून' के कारण पारंपरिक कृषक वर्ग भूमिहीन श्रमिकों में बदल गया। 2. थॉमस मुनरो द्वारा दक्षिणी और पश्चिमी भारत में लागू की गई रयतवारी व्यवस्था में सरकार और कृषक (रयत) के मध्य सीधा संबंध स्थापित हुआ, जिसमें भूमि का स्वामित्व किसानों को दिया गया, परंतु अत्यधिक राजस्व माँग और सूखा या अकाल के समय भी कर में कोई छूट न मिलने के कारण किसान महाजनों के ऋण जाल में फंस गए। 3. महालवारी व्यवस्था, जिसे उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब में लागू किया गया था, के अंतर्गत भू-राजस्व के निर्धारण के लिए व्यक्तिगत किसान को इकाई न मानकर पूरे ग्राम या ग्राम समूह (महाल) को इकाई माना गया तथा राजस्व भुगतान की सामूहिक जिम्मेदारी पूरे ग्राम समुदाय पर डाली गई। 4. इन तीनों भू-राजस्व प्रणालियों के परिणामस्वरूप भारतीय कृषि का बड़े पैमाने पर वाणिज्यीकरण (Commercialization) हुआ, जिसके कारण किसानों ने स्वेच्छा से अपनी खाद्यान्न फसलों को छोड़कर कपास, नील और जूट जैसी नकदी फसलों का उत्पादन शुरू किया और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था अत्यधिक समृद्ध हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सैन्य विभाग को विजयनगर में क्या कहा जाता था?
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