BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
7 views

हंस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व के आयामी सिद्धांत (Dimensional Theory of Personality) के अंतर्गत 'मनोविकृतिवाद' (Psychoticism), 'बहिर्मुखता' (Extraversion), और 'तंत्रिकाताप' (Neuroticism) यानी PEN मॉडल का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक आक्रामक, सामाजिक रूप से उदासीन, आवेगी, सहानुभूतिहीन और नियमों की अवहेलना करने वाला व्यवहार प्रदर्शित करता है, तो आइजेंक के त्रि-आयामी वर्गीकरण के अनुसार उसका यह विशिष्ट व्यक्तित्व प्रारूप मुख्य रूप से किस आयाम के उच्च स्तर को इंगित करता है?

Detailed Explanation

हंस आइजेंक (Hans Eysenck) ने व्यक्तित्व को मुख्य रूप से जैविक और आनुवंशिक आधार पर विश्लेषित करते हुए अपने प्रसिद्ध त्रि-आयामी (PEN Model) सिद्धांत का प्रतिपादन किया। इस मॉडल में 'P' का अर्थ 'Psychoticism' (मनोविकृतिवाद) है, जिसके उच्च स्तर पर रहने वाले व्यक्ति अक्सर आक्रामक, आवेगपूर्ण, साहसी, सहानुभूतिहीन, कठोर और असामाजिक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। 'E' का अर्थ 'Extraversion' (बहिर्मुखता) और 'N' का अर्थ 'Neuroticism' (तंत्रिकाताप) होता है। इस विषय पर अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

अधिगम के 'प्रयास एवं त्रुटि' (Trial and Error) सिद्धांत के अनुसार, सीखने की गति किस कारक पर निर्भर करती है? बुद्धि के सिद्धांतों के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) तथा स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के तात्विक, संरचनात्मक और मनोवैज्ञानिक आधारों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले मौलिक अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों—अर्थात बहुવિધ प्रतिनिधित्व (Multiple Means of Representation), बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression), और बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement)—की तात्विक और कक्षा-कक्षीय गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन UDL के मूल दर्शन और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) के समावेशन के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक (Neuropsychological) वर्गीकरण के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकेलकुलिया' (Dyscalculia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) की तात्विक और स्नायुवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी मौखिक भाषा को समझने, उसके अर्थ ग्रहण करने तथा वैचारिक संप्रेषण में गंभीर कठिनाई का सामना करता है—जबकि उसकी श्रवण क्षमता, सामान्य बौद्धिक स्तर और अन्य संज्ञानात्मक कार्य पूर्णतः सामान्य हैं—तो इस विशिष्ट विकासात्मक भाषा विकार (Developmental Language Disorder) को वैज्ञानिक रूप से किस श्रेणी में रखा जाएगा? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) की विशिष्ट विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक बच्चा यह मानता है कि निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौने या चाँद) में भी मनुष्यों की तरह भावनाएँ, चेतना और सजीवता होती है, तथा वह किसी भी घटना या वस्तु के केवल एक ही आयाम (Centration) पर ध्यान केंद्रित कर पाता है और पलटावी गुण (Reversibility) का अभाव प्रदर्शित करता है, तो पियाजे द्वारा परिभाषित इन विकासात्मक संप्रत्ययों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.