त्वरित लिंक्स
Child Development
9 views
बुद्धि के सिद्धांतों के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) तथा स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के तात्विक, संरचनात्मक और मनोवैज्ञानिक आधारों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले मौलिक अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार, बुद्धि का कोई एक सामान्य स्वरूप नहीं होता बल्कि कई स्वतंत्र प्रकार की बुद्धियाँ (जैसे भाषाई, तार्किक-गणितीय, संगीत, स्थानिक आदि) होती हैं। इसके विपरीत, चार्ल्स स्पीयरमैन के द्विकारक सिद्धांत के अनुसार बुद्धि में एक सामान्य कारक (g-factor) और कई विशिष्ट कारक (s-factors) होते हैं, जो मानसिक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
सीखने में 'पठार' (Plateau of Learning) आने का प्रमुख कारण क्या है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के मुख्य नियमों में से एक 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) यह बताता है कि जिस कार्य को करने से प्राणी को सुखद या संतोषजनक परिणाम मिलते हैं, उसकी आवृत्ति बढ़ जाती है। इस नियम का सबसे प्रत्यक्ष और गहरा मनोवैज्ञानिक आधार निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
→
बुद्धि लब्धि (IQ) का सूत्र किसने दिया था?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के संदर्भ में, यदि कोई किशोर पारंपरिक नैतिकता (Conventional Morality) के 'अच्छा लड़का/अच्छी लड़की' (Good Boy/Good Girl Orientation) चरण से उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-conventional Morality) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की ओर संक्रमण कर रहा है, तो उसके नैतिक तर्क (Moral Reasoning) में होने वाला मुख्य गुणात्मक परिवर्तन निम्नलिखित में से किस रूप में प्रकट होगा?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सिद्धांतों की तात्विक एवं तुलनात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में किसी वांछित व्यवहार को स्थापित करने के लिए उत्तेजना-अनुक्रिया (S-R) सहचरी के साथ-साथ संतोषजनक परिणामों (सकारात्मक पुनर्बलन) और अनुक्रिया-उत्तेजना (R-S) की पारस्परिक क्रियाओं का उपयोग करता है, तो इन तीनों अधिगम सिद्धांतों के मौलिक दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.