Child Development
Asked 2 months ago · Viewed 24 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित शिक्षण' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अर्थपूर्ण प्रस्तुति के सिद्धांत (Multiple Means of Representation), अभिव्यक्ति के साधन (Multiple Means of Action and Expression), और जुड़ाव या अभिप्रेरणा के साधन (Multiple Means of Engagement)—का सूक्ष्म शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, यह उपागम पारंपरिक विशेष शिक्षा (Special Education) से किस मौलिक तात्विक और क्रियात्मक बिंदु पर भिन्न होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित शिक्षण' (Universal Design for Learning - UDL) एक ऐसा दृष्टिकोण है जो पाठ्यक्रम को बाद में किसी विकलांग बच्चे के अनुकूल ढालने (Retrofitting) के बजाय शुरुआत से ही इस प्रकार डिजाइन करता है कि वह सभी प्रकार के विद्यार्थियों की विविध आवश्यकताओं को पूरा कर सके। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के विभिन्न मॉडलों (जैसे स्टीफन कोरी या…
← पिछला प्रश्न
शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) के…
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वायिन या मचान' (Scaffolding) की संकल्पनाओं का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक किसी जटिल कार्य के दौरान छात्र को शुरुआत में अधिकतम सहायता प्रदान करता है और जैसे-जैसे छात्र की दक्षता बढ़ती जाती है, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम करता जाता है, तो इस संपूर्ण शैक्षणिक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अब्राहम मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत, जब कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के पश्चात 'संबद्धता और अपनेपन की आवश्यकता' (Belongingness and Love Needs) तथा 'सम्मान की आवश्यकता' (Esteem Needs) के स्तर को पार कर जाता है, तब वह पदानुक्रम के शीर्ष पर स्थित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की प्रेरणा की ओर अग्रसर होता है। इस सर्वोच्च अवस्था की मनोवैज्ञानिक विशेषताओं और इसकी तात्विक प्रकृति का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मास्लो के इस सिद्धांत के इस विशेष आयाम को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए गेस्टाल्टवादी प्रयोगों तथा 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संदर्भ में, थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' (Trial and Error) सिद्धांत से इसके तात्विक और संज्ञानात्मक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम प्रक्रिया की वास्तविक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'साम्याभास' (Equilibration), 'आत्मसातीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation) और 'असंतुलन' (Disequilibrium) की संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, जब कोई बालक अपनी मौजूदा स्कीमा (Schema) के अनुरूप नई सूचनाओं या अनुभवों को ढालने में असमर्थ होता है और मानसिक द्वंद्व की स्थिति का अनुभव करता है, तब इस संपूर्ण गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.