त्वरित लिंक्स
History of India
12 views
मुगल काल में "मदद-ए-माश" भूमि के हस्तांतरण पर क्या नियम था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मदद-ए-माश भूमि अनुदान वंशानुगत होती थी, परंतु इसे बेचने या दान देने का अधिकार नहीं था।
Related Questions
→
दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में 'दीवान-ए-मुश्खराज' (Diwan-i-Muskhraj) और 'दीवान-ए-कोही' (Diwan-i-Kohi) विभागों की स्थापना क्रमशः किन सुल्तानों द्वारा की गई थी और उनका मुख्य उद्देश्य क्या था?
→
किस अधिकारी को "सद्र-उस-सुदूर" के अधीन धार्मिक विवादों को निपटाने की जिम्मेदारी दी गई थी?
→
वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में पुरानी ब्राउन बेस बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' को शामिल किया गया, जिसके कारतूस में गाय और सूअर की चरबी के प्रयोग की अफवाह ने भारतीय सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध बगावत करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों सार्जेंट ह्यूग बो और लेफ्टिनेंट बॉग पर हमला कर दिया था।
3. मंगल पांडे को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया और सैन्य अदालत (कोर्ट मार्शल) के आदेश पर 8 अप्रैल 1857 को निर्धारित तिथि से पहले ही उन्हें फांसी दे दी गई।
4. बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे की शहादत के पश्चात 34वीं और 19वीं रेजीमेंट के सभी सैनिकों ने तुरंत अंग्रेजों के विरुद्ध संपूर्ण भारत में एक साथ सशस्त्र विद्रोह का औपचारिक बिगुल बजा दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बौद्ध धर्म के दार्शनिक और संस्थागत विकास के संदर्भ में, 'सौत्रान्तिक' तथा 'वैभाषिक' संप्रदायों की मान्यताओं और उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'वैभाषिक' संप्रదాయ के आचार्य बाह्य वस्तुओं के अस्तित्व को प्रत्यक्ष मानते हैं (प्रत्यक्षवादी), जबकि 'सौत्रान्तिक' संप्रदाय बाह्य वस्तुओं के अस्तित्व को केवल अनुमानगम्य (अनुमानवादी) मानता है।
2. महायान बौद्ध धर्म के अंतर्गत 'शून्यवाद' (माध्यमिक दर्शन) के प्रवर्तक आचार्य नागार्जुन थे, जिन्होंने प्रतीत्यसमुत्पाद को ही शून्यता का पर्याय माना है, जिसका अर्थ है कि सभी धर्म स्वसंभाव से रहित हैं।
3. बौद्ध धर्म के इतिहास में 'सर्वास्तिवाद' संप्रదాయ से ही वैभाषिक और सौत्रान्तिक दोनों उप-संप्रदाय विकसित हुए थे, जो सभी कालों (भूत, भविष्य और वर्तमान) में धर्मों के वास्तविक अस्तित्व में विश्वास करते थे।
4. तृतीय बौद्ध संगीति के उपरांत अशोक के काल में बौद्ध संघ में जो गंभीर मतभेद उत्पन्न हुए थे, उनके परिणामस्वरूप थेइवादियों (स्थविरवादियों) ने महायान मत की स्थापना की थी, जिसने आगे चलकर हीनयान को पूरी तरह समाप्त कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन
2. लखनऊ - कैंपबेल और आउट्राम
3. झांसी और ग्वालियर - मेजर जनरल ह्यूरोज
4. कानपुर - कर्नल नील
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.