त्वरित लिंक्स
Child Development
9 views
अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs Theory) के संदर्भ में, 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs या D-needs) और 'विकास की आवश्यकताएं' (Growth Needs या B-needs) के बीच मौलिक कार्यात्मक अंतर क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के मानव प्रेरणा सिद्धांत के अनुसार, आवश्यकता पदानुक्रम में निचले स्तर की चार आवश्यकताएं 'न्यून-स्तरीय या कमी की आवश्यकताएं' (D-needs: Deficiency Needs) कहलाती हैं, जो किसी चीज की कमी (जैसे भोजन, सुरक्षा, अपनेपन) महसूस होने पर सक्रिय होती हैं और उनकी पूर्ति से तनाव कम होता है। इसके विपरीत, शीर्ष पर स्थित आत्म-सिद्धि (Self-actualization) 'वृद्धि या विकास की आवश्यकताएं' (B-needs: Being Needs) के अंतर्गत आती हैं, जो तनाव घटाने के लिए नहीं बल्कि व्यक्ति की आंतरिक क्षमताओं और व्यक्तिगत विकास को बढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धाराओं के अंतर्संबंधों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए 'प्रारंभिक शिक्षा' (Elementary Education) सुनिश्चित करने के क्रम में 'बाल-केंद्रित शिक्षा', 'ज्ञान के सक्रिय निर्माण' और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की संस्तुतियों को लागू करता है, तो RTE Act 2009 की धारा 29 के अंतर्गत निर्धारित 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रक्रिया' के विधिक प्रावधानों और NCF 2005 के शैक्षणिक दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
थार्नडाइक (Edward Thorndike) के अधिगम के ‘प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत’ (Trial and Error Theory) तथा पावलव (Ivan Pavlov) के ‘शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत’ (Classical Conditioning Theory) की तुलनात्मक और तात्विक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले मूलभूत अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
थार्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों और अधिगम प्रक्रिया में उनकी वास्तविक भूमिका को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
कौन-सी लोकतांत्रिक कक्षा की विशेषता नहीं है?
→
शिक्षण की 'खोज विधि' (Heuristic Method) में शिक्षक की भूमिका कैसी होती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.