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General Science
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तरंग की ऊर्जा?

Detailed Explanation

E प्रोपोर्शनल टू A^2।
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम द्वारा निर्धारित होता है। 2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान यदि किसी वैद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में संगुणन (Association) होता है, तो 1 से कम होता है, जबकि पूर्ण वियोजन की स्थिति में यह उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है। 3. समांगी और विषमांगी उत्प्रेरण में, उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देता है, जिससे अभिकारकों के अणुओं को ऊर्जा अवरोध पार करने में आसानी होती है और अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? परमाणु संरचना और उप-परमाणु कणों (Sub-atomic particles) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चैडविक द्वारा खोजा गया न्यूट्रॉन एक आवेशहीन और उदासीन कण है, जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान से थोड़ा अधिक होता है, और यह हाइड्रोजन को छोड़कर सभी तत्वों के नाभिक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होता है। 2. पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान कभी भी सर्वसम (Identical) नहीं हो सकता है, अर्थात एक कक्षक में अधिकतम दो ही इलेक्ट्रॉन विपरीत चक्रण (Opposite spin) के साथ रह सकते हैं। 3. हुंड का अधिकतम बहुकता नियम (Hund's rule of maximum multiplicity) यह स्पष्ट करता है कि किसी उपकोश (Subshell) के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन (Pairing) तब तक प्रारंभ नहीं होता है जब तक कि उस उपकोश के प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन सममित रूप से न भर जाए और उनके चक्रण एक ही दिशा में न हों। 4. क्वाarks (क्वार्क्स) मूलभूत कण हैं जो प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं, और 'अप क्वार्क' ($u$) पर $+ rac{2}{3}e$ तथा 'डाउन क्वार्क' ($d$) पर $- rac{1}{3}e$ का आंशिक आवेश होता है, जिससे प्रोटॉन का कुल आवेश $+1e$ बनता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? परमाणु नाभिक? परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग ने परमाणु के नाभिक की खोज की, जिसके अनुसार परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान और उसका धन आवेश केंद्र में संकेंद्रित होता है, जिसे 'नाभिक' कहा जाता है। 2. नील्स बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगा सकते हैं जिनका कोणीय संवेग ($ ext{L}$) $\frac{h}{2\pi}$ का पूर्ण गुणज होता है, और इन कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण नहीं करते हैं। 3. पाउच के अपवर्जन नियम (Pauli Exclusion Principle) के अनुसार, एक ही परमाणु में उपस्थित किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m_s$) का मान सर्वदा समान हो सकता है, बशर्ते उनका चक्रण (Spin) विपरीत दिशा में हो। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? चुंबकीय क्षेत्र?
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