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General Science
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चुंबकीय क्षेत्र?

Detailed Explanation

टेस्ला।
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है। 2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है। 3. भंवर धाराएँ (Eddy Currents) किसी चालक में तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग प्रेरण भट्ठी (Induction Furnace) में धातुओं को पिघलाने तथा चुंबकीय ब्रेकिंग में किया जाता है। 4. स्वप्रेरणा गुणांक (Self-inductance) का एसआई मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' है, और यह परिपथ की ज्यामितीय बनावट तथा उसके फेरों की संख्या पर निर्भर नहीं करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और प्लाज्मा प्रोटीन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्लाज्मा में पाई जाने वाली 'फाइब्रिनोजेन' (Fibrinogen) प्रोटीन यकृत द्वारा संश्लेषित होती है और यह रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेती है, जबकि 'एल्ब्यूमिन' (Albumin) रक्त के ऑस्मोटिक दाब (Colloidal osmotic pressure) को बनाए रखने का कार्य करती है। 2. जब किसी व्यक्ति को 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस' (Erythroblastosis fetalis) जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो यह विसंगति Rh-धनात्मक माता और Rh-ऋणात्मक पिता के गर्भधारण के समय उत्पन्न होती है, जिससे भ्रूण की लाल रक्त कणिकाएँ नष्ट होने लगती हैं। 3. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की प्रक्रिया के दौरान, सक्रिय 'थ्रोम्बिन' एंजाइम घुलनशील 'फाइब्रिनोजेन' को अघुलनशील 'फाइब्रिन' तंतुओं में परिवर्तित करता है, जो रक्त कोशिकाओं को फंसाकर थक्का बनाते हैं। 4. रक्त समूह 'O' (नेगेटिव) को 'सर्वदाता' (Universal donor) माना जाता है क्योंकि इसकी लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर A, B और Rh तीनों प्रकार के प्रतिजन (Antigens) पूर्ण रूप से अनुपस्थित होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पेंटिंग? अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) के संचरण तथा ध्वनि तरंगों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें होती हैं जो किसी माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) के रूप में संचरित होती हैं, और लाप्लास के संशोधन के अनुसार माध्यम में ध्वनि का प्रसार एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, समतापीय नहीं। 2. किसी गैस में ध्वनि की चाल माध्यम के दाब पर निर्भर करती है, अतः यदि दाब को दोगुना कर दिया जाए तो ध्वनि की चाल भी दोगुनी हो जाती है, बशर्ते तापमान स्थिर रहे। 3. अनुप्रस्थ तरंगें केवल ठोस पदार्थों और द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है, जिसके कारण गैसों के भीतर अनुप्रस्थ तरंगों का संचरण संभव नहीं है। 4. जब कोई ध्वनि स्रोत श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति का बढ़ जाना 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler effect) कहलाता है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों के साथ-साथ ध्वनि तरंगों दोनों पर लागू होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? डीएनए रेप्लीकेशन के दौरान लीडिंग स्ट्रैंड (Leading Strand) पर संश्लेषण किस दिशा में होता है?
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