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General Science
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तरंग का विवर्तन (Diffraction)?

Detailed Explanation

अवरोध के किनारों पर मुड़ना।
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आरएच कारक (Rh Factor) की खोज कार्ल लैंडस्टीनर और विनर ने 'मैकाक' (Macaca rhesus) बंदर में की थी, और Rh-धनात्मक व्यक्ति के रक्त प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से Rh-प्रतिपिंड (Rh antibodies) मौजूद होते हैं। 2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक पिता और Rh-ऋणात्मक माता की प्रथम संतान गर्भ में होती है, जिससे भ्रूण के लाल रक्त कण नष्ट होने लगते हैं। 3. एबी (AB) रक्त समूह वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर 'ए' और 'बी' दोनों प्रतिजन (Antigens) होते हैं, लेकिन उनके रक्त प्लाज्मा में 'एंटी-ए' और 'एंटी-बी' दोनों प्रकार के प्रतिपिंड (Antibodies) अनुपस्थित होते हैं। 4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया के दौरान, 'प्रोथ्रोम्बिन' का 'थ्रोम्बिन' में रूपांतरण 'थ्रॉम्बोकाइनेज' एंजाइम और कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में होता है, जो फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन में बदलता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? परमाणु संरचना और पदार्थ की अवस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. थॉमसन के परमाणु मॉडल (प्लम पुडिंग मॉडल) के अनुसार, परमाणु एक धनात्मक आवेशित गोला है जिसमें इलेक्ट्रॉन उसी तरह अंतःस्थापित रहते हैं जैसे तरबूज में बीज, और यह मॉडल परमाणु के कुल विद्युत उदासीन होने की संतोषजनक व्याख्या करता है, यद्यपि यह रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग के परिणामों को समझाने में विफल रहा। 2. जब किसी गैस को बहुत कम दाब पर रखकर उसमें उच्च विद्युत विभव लगाया जाता है, तो गैस आयनित होकर प्लाज़्मा अवस्था में परिवर्तित हो जाती है, जो पदार्थ की चौथी अवस्था है और इसमें अत्यधिक ऊर्जावान मुक्त इलेक्ट्रॉन तथा धनात्मक आयन होते हैं। 3. 'बोस-आइन्स्टाइन कंडेनसेट' (BEC) पदार्थ की वह अवस्था है जिसे अत्यंत कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य (Absolute Zero) के अतिसमीप तापमान तक ठंडा करने पर प्राप्त किया जाता है, जहाँ सभी कण न्यूनतम संभावित ऊर्जा अवस्था में एक ही क्वांटम अवस्था में संगमित हो जाते हैं। 4. क्वांटम यांत्रिकी के अनुसार, किसी बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणु में ऊर्जा स्तरों के भराव के लिए 'हूँड का नियम' यह निर्धारित करता है कि किसी उपकोश के कक्षकों में युग्मन तब तक नहीं हो सकता जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन न आ जाए, लेकिन इसके लिए यह बिल्कुल आवश्यक नहीं है कि उन सभी अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के चक्रण (Spin) समान हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में कोशिका कंकाल (Cytoskeleton) और केंद्रक की सूक्ष्म संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. साइटोस्केलेटन (कोशिका कंकाल) मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रोटीन तंतुओं—सूक्ष्म तंतु (Microfilaments), सूक्ष्मनलिकाएं (Microtubules) और मध्यवर्ती तंतु (Intermediate filaments)—से मिलकर बना एक नेटवर्क होता है, जो कोशिका को आंतरिक यांत्रिक समर्थन, गतिशीलता और आकार प्रदान करता है। 2. केंद्रक आवरण (Nuclear envelope) एक दोहरी झिल्ली वाली संरचना है, जिसके बाहरी झिल्ली का अंतरिक्ष आमतौर पर अंतःद्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) की झिल्ली से जुड़ा होता है, और इसमें उपस्थित 'न्यूक्लियर पोर कॉम्प्लेक्स' (Nuclear pore complexes) मैक्रोमोलेक्यूल्स के द्वि-दिशात्मक परिवहन को नियंत्रित करते हैं। 3. केंद्रिका (Nucleolus) केंद्रक के भीतर एक झिल्ली-रहित (Membrane-less) सघन क्षेत्र होता है, जो मुख्य रूप से राइबोसोमल आरएनए (rRNA) के संश्लेषण और राइबोसोम के उप-इकाइयों के संयोजन का प्रमुख स्थल होता है। 4. गुणसूत्रों की संरचना में भाग लेने वाले 'हिस्टोन' (Histone) प्रोटीन क्षारीय प्रकृति के होते हैं, जिनमें लाइसिन और आर्जिनिन जैसे धनात्मक आवेशित अमीनो अम्ल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो ऋणावेशित डीएनए को अपने चारों ओर लपेटकर न्यूक्लियोसोम बनाते हैं, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg equilibrium) और इससे जुड़े विकासवादी बलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग समीकरण $p^2 + 2pq + q^2 = 1$ के अनुसार, यदि किसी यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील आवृत्तियाँ p और q हैं, तो पीढ़ियों के गुजरने पर भी जीनोटाइप आवृत्तियाँ स्थिर बनी रहती हैं, बशर्ते आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, या आनुवंशिक अपवाह जैसे कारक प्रभावी न हों। 2. 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) के विशिष्ट उदाहरण हैं, जो सामान्यतः बड़ी आबादियों में अधिक तीव्रता से प्रभाव डालते हैं और एलील आवृत्तियों में भारी बदलाव लाते हैं। 3. प्राकृतिक चयन के 'व्यतिकारी चयन' (Disruptive selection) प्रारूप में, औसत या माध्य फिनोटाइप वाले जीवों को प्राथमिकता मिलती है और दोनों चरम (Extreme) फिनोटाइप वाले जीवों का चयन कम होता है, जिससे आबादी में विविधता घट जाती है। 4. अनुकूलन और जैव विकास की प्रक्रिया में, 'जीन प्रवाह' (Gene flow) विभिन्न आबादी के बीच युग्मकों या जीवों के प्रवास के कारण एलील आवृत्तियों में होने वाला स्थानांतरण है, जो आबादी के बीच आनुवंशिक भिन्नता को कम करने का कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? शुक्र ग्रह?
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