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General Science
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शुक्र ग्रह?

Detailed Explanation

चमकीला।
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पदार्थ के सामान्य गुणों, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) तापमान बढ़ने पर घट जाता है, क्योंकि तापमान में वृद्धि के साथ अणुओं की ऊष्मीय ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का अंतरआणविक आकर्षण बल कमजोर हो जाता है। 2. द्रवों में श्यानता (Viscosity) तापमान पर निर्भर करती है; जहाँ तापमान बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने के साथ बढ़ जाती है। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावन बल पूरी तरह से डूबी हुई वस्तु के आयतन और द्रव के घनत्व पर निर्भर करता है, वस्तु के अपने घनत्व पर नहीं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्काइन्स (Alkynes) त्रि-आबंध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, और अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित करते हुए ये सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं, जिसका कारण $sp$ संकरित कार्बन से जुड़े हाइड्रोजन की उच्च अम्लता है। 2. जब एथिलीन ($C_2H_4$) की अभिक्रिया क्षारकिय पोटैशियम परमैंगनेट ($KMnO_4$) के ठंडे और तनु विलयन (बेयर अभिकर्मक) के साथ कराई जाती है, तो यह अभिक्रिया एक चक्रीय मैंगनेट एस्टर मध्यवर्ती के माध्यम से आगे बढ़ती है, जिससे ग्लाइकोल का निर्माण होता है और $KMnO_4$ का गुलाबी रंग गायब हो जाता है। 3. बेंजीन जैसे एरोमैटिक यौगिकों में इलेक्ट्रॉन्सनेही aromatic प्रतिस्थापन (Electrophilic Aromatic Substitution) अभिक्रियाओं के दौरान, नाइट्रोनियम आयन ($NO_2^+$) का जुड़ना एक दर-निर्धारक पद होता है, जो बेंजीन वलय के $\pi$-इलेक्ट्रॉन अभ्र पर आक्रमण करके एक मध्यवर्ती 'सिग्मा संकुल' (Arenium ion) का निर्माण करता है। 4. मार्कोवनिकोव नियम के विपरीत, पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन की हाइड्रोजन ब्रोमाइड ($HBr$) के साथ संकलन अभिक्रिया 'खराश प्रभाव' या पेरोक्साइड प्रभाव के अंतर्गत होती है, जिसमें मुक्त मूलक क्रियाविधि के कारण ब्रोमीन परमाणु उस कार्बन पर जुड़ता है जिसके पास कम हाइड्रोजन परमाणु होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट चयापचय, ग्लाइकोजेनेसिस और विभिन्न विटामिनों की जैव रासायनिक भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ग्लाइकोजेनेसिस' (Glycogenesis) वह जैव रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें रक्त में ग्लूकोज की अधिकता होने पर यकृत और कंकाल पेशियों में इंसुलिन हॉर्मोन की उपस्थिति में ग्लूकोज के अणुओं को ग्लाइकोजन श्रृंखला में परिवर्तित करके संचित किया जाता है। 2. विटामिन B3 (नियासिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप NAD+ और NADP+ है, जो कि ग्लाइकोलाइटिक मार्ग और क्रेब्स चक्र के दौरान कई ऑक्सीकरण-अपचयन (Redox) अभिक्रियाओं के लिए अनिवार्य होता है। 3. 'विटामिन K' एक जल में घुलनशील विटामिन है जो यकृत में प्रोथ्रॉम्बिन और अन्य रक्त का थक्का जमाने वाले कारकों के गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए आवश्यक एक अनिवार्य सह-कारक के रूप में कार्य करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? प्रकाश संश्लेषण में कौन सी गैस ली जाती है? मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रुधिर वर्गों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर ग्लाइकोप्रोटीन के रूप में मौजूद एंटीजन (एग्लूटिनोजन) का प्रकार आनुवंशिक रूप से नियंत्रित होता है, तथा ABO रक्त समूह प्रणाली में एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) 'एन्टी-A' और 'एन्टी-B' प्रोटीन प्रकृति के होते हैं जो प्लाज्मा में पाए जाते हैं। 2. 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' (Oh फेनोटाइप) वाले व्यक्तियों के लाल रक्त कणिकाओं पर 'H' एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, क्योंकि उनमें FUT1 (फ्यूकोसिलट्रांसफेरेज 1) जीन का उत्परिवर्तित और निष्क्रिय रूप पाया जाता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO समूह से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (गर्भक्ता रक्तकता) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और एक Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता की प्रथम संतान Rh-धनात्मक होती है, और यह आनुसंगी असंगति प्रथम गर्भावस्था के दौरान ही प्लेसेंटा के माध्यम से भ्रूण की मृत्यु का कारण बन जाती है। 4. रक्त का स्कंदन (Clotting) एक कैस्केड प्रक्रिया है जिसमें प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए सक्रिय कारक Xa, कैल्सियम आयनों ($Ca^{2+}$) और फॉस्फोलिपिड की उपस्थिति में 'प्रोथ्रोम्बिनेज' एंजाइम परिसर का निर्माण आवश्यक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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