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General Science
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कौन सा दर्पण दंत चिकित्सक उपयोग करते हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अवतल दर्पण बड़ा प्रतिबिंब दिखाता है।
Related Questions
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative Properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative Lowering of Vapour Pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम से सीधे तौर पर संबंधित एक अणुसंख्यक गुणधर्म है।
2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से कम होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से वियोजित (Dissociation) या आयनित हो जाते हैं, क्योंकि आयनों की संख्या बढ़ने से अणुसंख्यक गुणधर्म का प्रेषित मान घट जाता है।
3. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक समान भौतिक अवस्था (जैसे सभी गैस या सभी द्रव) में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारकों की भौतिक अवस्थाएँ भिन्न होती हैं जहाँ अधिशोषक की सतह पर सक्रिय केंद्र (Active Centers) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
4. ज़ीओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनकी क्रियाशीलता छिद्रों के आकार और अभिकारकों तथा उत्पादों के अणुओं के आकार पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि प्रकाश सघन से विरल माध्यम की ओर ही जाए।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को छोड़कर अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. अवतल दर्पण (Concave mirror) द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु के आकार से छोटा होता है, चाहे वस्तु को मुख्य अक्ष पर किसी भी स्थिति में क्यों न रखा जाए।
4. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) की आधी होती है, और यह संबंध दर्पण के दर्पण सूत्र तथा सभी प्रकार के दर्पणों (गोलीय और परवलयिक) के लिए आपतन कोण के किसी भी बड़े मान हेतु पूर्णतः सटीक और सार्वभौमिक रूप से लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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क्षार का स्वाद?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के जैविक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली में, रक्त समूह 'O' वाले व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लुटिनिन) उपस्थित होते हैं, जिसके कारण यह समूह किसी भी अन्य रक्त समूह वाले व्यक्ति से लाल रक्त कोशिकाओं को प्राप्त कर सकता है बिना किसी संलयन (Agglutination) के।
2. 'Rh कारक' (Rhesus factor) के संदर्भ में, एक Rh-धनात्मक (Rh+) पुरुष और Rh-ऋणात्मक (Rh-) महिला के विवाह से उत्पन्न होने वाली गर्भभ्रूण रक्ताणुकोशाकता (Erythroblastosis fetalis) की समस्या पहले गर्भ के दौरान ही अत्यधिक गंभीर और घातक हो जाती है, क्योंकि प्राथमिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया तत्काल और प्रबल होती है।
3. मानव हृदय के समेकित चालन प्रणाली (Conduction System) में, 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) से उत्पन्न होने वाला विद्युत आवेग हिज के बंडल (Bundle of His) और पुर्किंजे तंतुओं (Purkinje fibres) से होते हुए निलय की पेशियों तक पहुँचता है, जिससे दोनों निलयों का संकुचन आलिंदों की तुलना में एक निश्चित शारीरिक विलंब (Delay) के बाद होता है।
4. रक्त प्लाज्मा में प्रोथ्रोम्बिन और फाइब्रिनोजेन जैसे स्कंदन कारक मुख्य रूप से यकृत (Liver) द्वारा संश्लेषित किए जाते हैं, और फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन तथा कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति अनिवार्य होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाश का वेग?
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